जयपुर, 11 फरवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2026-27 का 6.10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट विकसित राजस्थान 2047 विजन दस्तावेज को धरातल पर उतारने की कार्य योजना के रूप में तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय पहली बार दो लाख रुपये से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट पेश करने के बाद पत्रकार वार्ता में कहा, “आज हमने 2026-27 का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है, जो हमारे ‘विकसित राजस्थान 2047’ विजन दस्तावेज को वास्तविकता में बदलने की कार्य योजना है।”
उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताए गए तीन मार्गदर्शक कर्तव्यों-तेज और स्थायी आर्थिक विकास, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण से प्रेरित है।
शर्मा ने बताया कि राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 21,52,100 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो 2023-24 से 41 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि वहीं प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2,02,349 रुपये तक पहुंची है, जो 21.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। पूंजीगत व्यय 53,978 करोड़ रुपये रखा गया है, जो कांग्रेस सरकार के अंतिम वर्ष से दोगुना है।
उन्होंने दावा किया कि संकल्प पत्र वर्ष 2023 की 392 घोषणाओं में से 282 पूरी हो चुकी हैं तथा बजट 2024-25 की 1,277 घोषणाओं में से 1,188 लागू की जा चुकी हैं और पिछले वर्ष की 1,441 घोषणाओं में से 1,246 को धरातल पर उतारा गया है।
रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं और निजी क्षेत्र में दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं।
उनके मुताबिक, वर्तमान में 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और एक लाख पदों के लिए परीक्षा कैलेंडर जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी।
किसानों के लिए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 76 लाख किसानों को 10,900 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित किए गए हैं।
उनके मुताबिक, जल परियोजनाओं में शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये , पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के लिए 26,000 रुपये करोड़ के कार्य आदेश तथा इंदिरा गांधी नहर और गंगनहर के लिए 4,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शर्मा ने कहा, ”स्वास्थ्य क्षेत्र में 32,526 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जो 53 प्रतिशत अधिक है। जे.के.लोन अस्पताल का विस्तार करते हुए यहां 500 बिस्तर का आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा। गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) में 200 बिस्तर की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) वार्ड और पीडियाट्रिक सेंटर बनाया जाएगा।”
उनके मुताबिक, शिक्षा के लिए लगभग 69,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कि वर्ष 23-24 के बजट से 35 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए 400 विद्यालयों को मुख्यमंत्री ‘राजस्थान इनोवेशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में क्रमोन्नत किया जाएगा, इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रीन बजट के तहत 33,477 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 20.81 प्रतिशत अधिक है।
शर्मा ने कहा कि इस वर्ष सभी जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी, पंचायत समितियों पर नमो पार्क और 16 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ऋण सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की गई है तथा ग्रामीण क्षेत्र में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबीजी रामजी) योजना में रोजगार दिवस 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं, जिसके लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
युवाओं को उद्यमिता प्रोत्साहन देने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण राज्य गारंटी और ब्याज सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए समर्पित है। हम हर वादा पूरा करेंगे और राजस्थान की आकांक्षाओं को साकार करेंगे।”
