चंडीगढ़, पांच फरवरी (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर तंज कसा और कहा कि ये टिप्पणियां इन नेताओं की परिपक्वता के स्तर को “उजगार” करती हैं।
पार्टी की यह टिप्पणी गांधी द्वारा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री बिट्टू को “गद्दार” कहने के एक दिन बाद आई।
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर पूरे सिख समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कार्रवाई की मांग की।
यह घटना संसद के मकर द्वार के बाहर बुधवार को हुई। कांग्रेस के सांसद रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और यह टिप्पणी करते हुए सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं।
इस पर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘‘देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है…मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आओगे।’’
इस पर बिट्टू ने कहा कि ‘‘ये देश के दुश्मन हैं।’’
शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा और कहा, “मुझे लगता है कि दोनों सही हैं।”
शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि गांधी और बिट्टू के बीच जो कुछ हुआ, उसे देखकर देश में राजनीतिक नेतृत्व का स्तर केवल दयनीय ही नजर आता है।
उन्होंने कहा, ”यह इन नेताओं के परिपक्वता के स्तर को उजागर करता है। संसद में जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। ऐसे घटनाओं को कोई महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।”
भाजपा के इस आरोप पर कि गांधी ने पूरे सिख समुदाय का अपमान किया, चीमा ने कहा कि व्यक्तिगत विवादों को ‘कौम’ का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
यहां सवांददाताओं से बात कहते हुए चीमा ने कहा, “उनका असली स्तर जनता के सामने आ गया है।”
शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि गांधी और बिट्टू के बीच ‘प्रेम संबंध’ था, जो बाद में टूट गया।
दोनों नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मजीठिया ने कहा, “वे (राहुल गांधी और बिट्टू) पहले साथ थे। राहुल गांधी कहते थे कि बेअंत सिंह उनका परिवार हैं, जबकि बेअंत सिंह का परिवार कहता रहा कि राहुल गांधी उनका परिवार हैं। यह उनका निजी मामला है।”
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते बिट्टू लुधियाना और आनंदपुर साहिब से तीन बार सांसद रहे हैं और फिलहाल केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री हैं। वह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।