आजकल बिस्कुट, केक, ब्रेड, पिजा, बर्गर आदि का सेवन बढ़ता ही जा रहा है पर इनको बनाने में मैदे का प्रयोग किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। गेहूं को पीस कर छान लिया जाता है और फाइबर को अलग कर दिया जाता है और फिर इस छाने हुए आटे को मशीनी प्रक्रियाओं द्वारा परिष्कृत किया जाता है और मैदा तैयार होता है जिसे ब्रेड, बिस्कुट आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है। मैदा सफेद और नरम इसीलिए होता है क्योंकि इसमें फाइबर का अभाव होता है। विशेषज्ञों के अनुसार जो व्यक्ति इस परिष्कृत आटे से बनी हुई वस्तुओं ब्रेड, बिस्कुट, पिजा आदि का अधिक सेवन करते हैं उन्हें लगातार कब्ज की शिकायत रहती है और पाचन में उन्हें अधिक एनर्जी की आवश्यकता पड़ती है। इसलिए भोजन और पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि मैदे से बनी वस्तुओं का कम से कम सेवन करना चाहिए और गेहूं के आटे का प्रयोग अधिक करना चाहिए।