नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का विरोध करने तथा किसानों व खेतिहर मज़दूरों की आजीविका की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन की आवश्यकता पर चर्चा की।
कांग्रेस के अनुसार, संसद भवन परिसर में यह मुलाकात हुई।
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि इस व्यापार समझौते ने कृषि आयात के लिए दरवाज़ा खोल दिया है और जल्द ही कई अन्य फसलें भी इसकी चपेट में आ सकती हैं।
कांग्रेस के अनुसार, किसान संगठनों के नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध जताया और मक्का, सोयाबीन, कपास, फलों और मेवों की खेती करने वाले किसानों की आजीविका को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
उसने कहा, ‘‘किसान नेताओं और राहुल गांधी ने इस समझौते का विरोध करने तथा किसानों और खेतिहर मज़दूरों की आजीविका की रक्षा के लिए एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की आवश्यकता पर चर्चा की।’’
राहुल गांधी के साथ बैठक में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा, भारतीय किसान मज़दूर यूनियन ( हरियाणा) के नेता एडवोकेट अशोक बलहारा, भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के नेता बलदेव एस. जीरा, प्रोग्रेसिव फार्मर्स फ्रंट के आर. नंदकुमार, भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के अमरजीत एस. मोहरी, आम किसान यूनियन के केदार सिरोही, किसान मज़दूर मोर्चा (इंडिया) के गुरमनीत एस. मंगत, जम्मू-कश्मीर ज़मींदारा फ़ोरम के हमीद मलिक, हरियाणा किसान संघर्ष समिति के धर्मवीर गोयत, कृषक समाज के ईश्वर सिंह नैन और साउथ हरियाणा किसान यूनियन तथा कुछ अन्य संगठनों के नेता सतबीर खाताना शामिल हुए।