नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के वार्षिक बजट में बैटरी भंडारण के लिए लिथियम-आयन सेल के विनिर्माण में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क छूट के विस्तार की घोषणा की।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने सीएनजी में मिश्रित बायोगैस पर उत्पाद शुल्क की गणना करते समय बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखने का प्रस्ताव भी रखा।
उन्होंने कहा, “मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल के विनिर्माण में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर दी जाने वाली मूल सीमाशुल्क छूट को बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। साथ ही मैं सौर कांच के विनिर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटी मोनेट के आयात पर भी मूल सीमा शुल्क छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।”
भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट प्रदान करने का प्रस्ताव है।
बायोगैस मिश्रित सीएनजी के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘मैं बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर देय केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना करते समय बायोगैस के संपूर्ण मूल्य को बाहर रखने का प्रस्ताव करती हूं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एक एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारा विकसित करेगी।
पूर्वोदय राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एक एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बौद्ध स्थलों के लिए 4,000 ई-बस के प्रावधान का प्रस्ताव करती हूं।’’
उन्होंने कहा कि बजट में भारत में निर्मित वस्तुओं या नगण्य आयात वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट को समाप्त करने का प्रस्ताव है।