नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में चिकित्सा शिक्षा को ज़्यादा वहनीय बनाने के लिए विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मेडिकल कॉलेज अवसंरचना का विस्तार करने के ठोस प्रयास किए हैं।
जाधव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मौजूदा जिला और रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) चलाता है, जिसमें उन क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाती है जहां कोई सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज नहीं है।
जिलों में कुल 157 मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, एक और सीएसएस योजना के तहत एमबीबीएस (स्नातक) और पीजी (स्नातकोत्तर) सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को उन्नत करने के वास्ते भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
जाधव ने कहा कि इन योजनाओं के तहत, देश भर के मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त 4,977 एमबीबीएस सीटें और 8,058 पीजी सीटें मंजूर की गई हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 111.36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2013-14 के 387 से बढ़कर वर्तमान में 818 हो गई हैं।
जाधव ने कहा कि सरकार लगातार चिकित्सा शिक्षा को और अधिक वहनीय बनाने तथा इसके व्यावसायीकरण को रोकने का प्रयास करती है।
उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल शिक्षा को वहनीय और सुलभ बनाने के लिए, सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस पर सब्सिडी दी जाती है।