राज्यसभा से विपक्षी सदस्यों ने किया बहिर्गमन

0
sdcewde3erew

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की किताब के अंश उद्धृत करने की अनुमति नहीं दी गई जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया ।

उच्च सदन की बैठक शुरू होने के कुछ बाद कांग्रेस सदस्यों ने मांग की कि पहले सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने दिया जाए।

आसन की अनुमति से खरगे ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संसद के दो सदन हैं, एक लोकसभा और दूसरा सदन राज्यसभा है। खरगे ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उनके ऐसा कहने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा सुचारू रूप से नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा और लोकसभा लोकतंत्र के स्तंभ हैं और सत्तारूढ़ दल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को चलने नहीं दे रहा है। सत्तापक्ष के सदस्यों ने खरगे के आरोपों का कड़ा विरोध किया।

जब खरगे ने 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर पूर्व थलसेनाध्यक्ष एम.एम. नरवणे की ‘संस्मरणात्मक पुस्तक’ के अंश उद्धृत करने का प्रयास किया, तो उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी इसका विरोध किया।

हंगामे के बीच कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *