वॉशिंगटन, 14 फरवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिकी प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जाए अथवा नहीं।
ट्रंप ने ये टिप्पणियां उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मुलाकात के तुरंत बाद कीं और इससे पहले उन्होंने दिन में पुष्टि की थी कि वह ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए पश्चिम एशिया में दूसरा विमानवाहक पोत तैनात कर रहे हैं।
ईरान में इस्लामी शासन के अंत के प्रयासों के बारे में पत्रकारों के प्रश्न पर ट्रंप ने कहा, ‘‘इससे अच्छा और कुछ नहीं हो सकता। वे 47 सालों से सिर्फ बातें कर रहे हैं।’’
ट्रंप ने पहले कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ को कैरेबियाई सागर से पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है, वहां पहले से ही अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य हथियार मौजूद हैं।
यह तैनाती ऐसे समय में की जा रही है जब कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान के साथ एक और दौर की वार्ता जल्द हो सकती है, हालांकि ये वार्ताएं नहीं हो सकीं। इस सप्ताह तेहरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने ओमान और कतर का दौरा किया और वहां अमेरिकी मध्यस्थों के साथ भी बातचीत की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दूसरे विमानवाहक पोत के बारे में संवाददाताओं से कहा, “अगर हम कोई समझौता नहीं कर पाए, तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी।”
उन्होंने कहा, “यह बहुत जल्द रवाना होगा।”
अरब देशों ने पहले ही चेतावनी दी है कि किसी भी हमले से क्षेत्रीय संघर्ष भड़क सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया अब भी गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध के प्रभाव से उबरने की कोशिश कर रहा है।
ईरान में पिछले महीने देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में मारे गए हजारों लोगों की याद में ईरान में 40 दिन के शोक की अवधि प्रारंभ हो रही है।