नेपाल ने निपाह वायरस के खतरे के चलते लोगों से सावधानी बरतने को कहा

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काठमांडू, भारत में निपाह वायरस संक्रमण के दो मामले सामने आने के बाद, नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को लोगों से इसके संभावित प्रसार के प्रति सतर्क रहने को कहा।

मंत्रालय के महामारी विज्ञान और रोग नियंत्रण प्रभाग (ईडीसीडी) ने एक बयान में कहा कि तैयारियों के तहत देश में स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों और एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।

इसमें कहा गया कि भारत में वायरस के प्रकोप को देखते हुए निपाह वायरस ‘ट्रैकिंग एल्गोरिदम’ तैयार किया गया है।

नयी दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले सप्ताह कहा था कि पिछले साल दिसंबर से अब तक निपाह वायरस रोग के केवल दो पुष्ट मामले सामने आए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में वायरस से संक्रमित दो नर्सों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है और दोनों की संक्रमण जांच की रिपोर्ट ‘निगेटिव’ आई है।

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय स्तर पर निपाह वायरस से सार्वजनिक स्वास्थ्य को होने वाले जोखिम को कम बताया है, फिर भी नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से एहतियाती उपायों का पालन करने का आग्रह किया है।

स्वास्थ्य आपातकालीन एवं आपदा प्रबंधन इकाई के प्रमुख डॉ. प्रकाश बुधाथोकी ने कहा कि मंत्रालय नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी आवश्यक उपाय कर रहा है।

बुधाथोकी ने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध लक्षण के मामले में तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें या 1115 डायल करें।

चिकित्सकों के अनुसार, निपाह वायरस से संक्रमित चमगादड़ों की लार, मूत्र या मल से दूषित फल खाने से यह संक्रमण हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि यदि बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, उल्टी या गंभीर मामलों में बेहोशी जैसे संदिग्ध लक्षण दिखाई दें, तो रोगी की पहचान, पृथकवास, सूचना और संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

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