नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की पुस्तक को लेकर एक प्रकाशक ने इसके प्रकाशित नहीं होने की बात की है, लेकिन खुद नरवणे ने 2023 में एक टवीट् करके अपनी पुस्तक को खरीदने की अपील करते हुए एक लिंक साझा किया था।
राहुल ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें नरवणे की बात पर भरोसा है तथा उनकी किताब में कुछ ऐसी बाते हैं जो सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को असहज कर सकती हैं।
दिल्ली पुलिस ने नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
उसने सोमवार को एक बयान में कहा था, ‘‘दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच और ऑनलाइन समाचार मंचों पर प्रसारित हो रही उन सूचनाओं का संज्ञान लिया है जिनमें दावा किया गया है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नामक पुस्तक की एक प्रति सक्षम अधिकारियों से अनिवार्य मंजूरी के बिना प्रसारित की जा रही है।’’
राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में कहा, ‘‘नरवणे का एक ट्वीट है जिसमें उन्होंने कहा है, “मेरी किताब का लिंक फ़ॉलो कीजिए। अब या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या ‘पेंगुइन’ (प्रकाशक) झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व थलसेना प्रमुख झूठ बोलेंगे। पेंगुइन कहता है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन किताब अमेजन पर उपलब्ध है। जनरल नरवणे ने 2023 में ट्वीट किया है कि कृपया मेरी किताब ख़रीदिए। मैं पेंगुइन के बजाय नरवणे जी पर भरोसा करता हूं।’’
उन्होंने सवाल किया कि क्या पेंगुइन पर नरवणे से ज़्यादा भरोसा किया जा सकता है?
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि नरवणे जी ने अपनी किताब में कुछ ऐसे बयान दिए हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। स्पष्ट है कि आपको यह तय करना होगा कि पेंगुइन सच बोल रहा है या पूर्व थलसेना प्रमुख।’’
कांग्रेस नेता ने एक पोस्टर भी दिखाया, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए यह दर्शाया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गए।