नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ अलग-अलग बैठकें कीं तथा कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते ने भारत-यूरोप संबंधों में एक ‘‘स्वर्णिम युग की शुरुआत’’ की है।
मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति सांचेज के साथ उनकी एक सार्थक बैठक हुई और खासकर रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत-स्पेन मित्रता को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों देश (भारत और स्पेन) 2026 को भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। विश्वविद्यालयों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल को भारत आते देखकर खुशी हुई। इससे भी दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क स्थापित करने में काफी मदद मिलेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) स्पेन के साथ आर्थिक साझेदारी पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा और दोनों देशों के लोगों को नये अवसर प्रदान करेगा।’’
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
राष्ट्रपति सांचेज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उन्होंने स्पेन और भारत के बीच शानदार संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसे दोनों नेता और मजबूत करना जारी रखेंगे।
सांचेज ने ‘एक्स’ पर स्पेनिश भाषा में एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई दी। हम दोनों इस बात से सहमत हैं कि मानव-केंद्रित एआई की दिशा में कदम बढ़ाते रहना आवश्यक है।’’
प्रधानमंत्री ओर्पो के साथ अपनी ‘‘विस्तृत चर्चा’’ के दौरान, मोदी ने भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते के लिए उनके व्यक्तिगत समर्थन को लेकर उन्हें धन्यवाद दिया। यह समझौता भारत-यूरोप संबंधों में एक ‘‘स्वर्णिम युग की शुरुआत’’ करता है।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और फिनलैंड का लक्ष्य व्यापार को दोगुना करना है, जिससे आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी। हमने 6जी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, जैव ईंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और अन्य भविष्यवादी प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।’’
सांचेज और ओर्पो यहां ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में भाग लेने आए हैं, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्र और राज्य सरकारों तथा अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक मंच पर लाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन हैं, जो एआई के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करते हैं।
इस शिखर सम्मेलन में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।