मोबाइल का प्रयोग जहां पर लोगो को बातचीत करने का प्रमुख माध्यम बना जो लोगो के लिए काफ़ी सहूलियत भरा रहा लेकिन अब मोबाइल लोगो के लिए कहीं न कहीं घातक भी सिद्ध हो रहा है। इससे लोगो को बचने की जरूरत है। बीते दिनों उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां तीन नाबालिग सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, तीनों को ऑनलाइन गेम की लत थी और गेम खेलने को लेकर परिवार के मना करने पर आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। तीनों बहनों की उम्र 16, 14 और 12 साल थी।
पुलिस के मुताबिक तीनों बहनें कोरियन लव गेम खेलती थीं और तीनों बहनें ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लव गेम खेला करती थीं। इस घटना से कहीं न कहीं यह समझा जा सकता है कि आज देश में बच्चों और युवाओं की सोच को दिखा रहा है और इस आदत में यदि सुधार नहीं किया गया तो सच में भविष्य में और भी बड़े खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
भारत में 2024 के मुताबिक स्क्रीन वॉच टाइम का आंकड़ा चौकाने वाला है और अब दो वर्षो में तो इसमें और इजाफा हो गया होगा। 2024 के मुताबिक भारत में हर व्यक्ति 5 घण्टे औसत मोबाइल पर बीतता है, वर्ष 2024 में भारत के लोगो ने कुल 1.1 लाख करोड़ घंटे लोगो ने मोबाइल चलाने में बिताया। भारत में लगभग 7 घंटे लोग ऑनलाइन रहते है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत लोग सोशल मीडिया, गेम और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर समय बिताते है, देश में यदि 5 वर्ष के कम उम्र के बच्चों की बात की जाये तो औसत 2.2 घंटे एक बच्चा मोबाइल देखने में बीतता है क्योंकि देखा जाता है बच्चों को चुप रखने के लिए महिलाएं बच्चों को मोबाइल दे देती है।