मस्कट, सात फरवरी (एपी) ईरान और अमेरिका ने शुक्रवार को ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ता की। यह बातचीत तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के तरीके को लेकर फिर शुरुआती बिंदु पर लौटती दिखी लेकिन पहली बार अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने शीर्ष सैन्य कमांडर को भी इसमें शामिल किया।
ओमान की राजधानी मस्कट में वार्ता के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख नौसेना एडमिरल ब्रैड कूपर की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य युद्धपोत अब ईरान के तट के पास अरब सागर में तैनात हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर ‘‘बहुत अच्छी’’ बातचीत हुई है और अगले सप्ताह फिर वार्ता होगी। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परमाणु समझौता नहीं हुआ तो ‘‘परिणाम बेहद गंभीर’’ होंगे। ट्रंप पहले भी ईरान पर बल प्रयोग की धमकी दे चुके हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वार्ता शांत माहौल में होनी चाहिए, बिना तनाव और धमकियों के। उन्होंने कहा कि संवाद के लिए दबाव और धमकियों से बचना जरूरी है।
अमेरिका की तरफ से पश्चिम एशिया में उसके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने बातचीत पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है। अराघची ने कहा कि राजदूत अपने देश लौट जाएंगे, जिससे यह संकेत मिला कि बातचीत का यह दौर खत्म हो गया है।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने बातचीत को ‘‘सार्थक’’ बताया और कहा कि इससे दोनों पक्षों की सोच स्पष्ट हुई। हालांकि ओमान ने इसे किसी समझौते की दिशा में बड़ा कदम नहीं, बल्कि आगे की वार्ता की नींव बताया।
ईरान केवल परमाणु मुद्दे पर चर्चा चाहता है, जबकि अमेरिका मिसाइल कार्यक्रम सहित अन्य मुद्दों को भी वार्ता में शामिल करना चाहता है।
शुक्रवार की वार्ता के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर नए प्रतिबंध लगाए। 14 तेल टैंकरों, 15 व्यापारिक कंपनियों और दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।