नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) सरकार ने बुधवार को कहा कि वाई-फाई कनेक्टिविटी की 4जी तकनीक में भारत विश्व के पीछे था, 5जी में विश्व के साथ चला है और 6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा, यही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है।
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह भी कहा कि अभी देश में 5जी कनेक्टिविटी के उपभोक्ताओं की संख्या 40 करोड़ है और 2030 तक यह आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की मिताली बाग के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘ वाई-फाई कनेक्टिविटी की 4जी तकनीक में भारत विश्व के पीछे था, 5जी में विश्व के साथ चला है और 6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा, यही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है।’’
उन्होंने कहा कि भारत में 5जी तकनीक का क्रियान्वयन पूरी दुनिया में सबसे तेजी से हुआ है और 22 महीने में देशभर में इसे लागू कर दिया गया।
सिंधिया ने कहा, ‘‘आज देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी लागू है। आज देश में 40 करोड़ लोग 5जी तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और 2030 में यह संख्या 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।’’
संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद भोला सिंह के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि देश के लगभग 6,40,000 गांवों में से केवल 10 हजार गांव ही शेष रह गए हैं जहां 4जी तकनीक नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि अगले कुछ महीने में पूरा देश 4जी कनेक्टिविटी से जुड़ जाएगा। इसके अलावा करीब 5 लाख गांव 5जी सेवा से जुड़ चुके हैं।’’
पेम्मासनी ने बताया कि भारत नेट परियोजना के पहले और दूसरे चरण के तहत पूरे देश में 2,14,000 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है और परियोजना के तीसरे चरण में 14 हजार अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगले दस वर्ष में देश की सभी ग्राम पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ जाएंगी।