नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा कि ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ तथा ‘ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी’ के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज अग्रणी देश है और हरित हाइड्रोजन चालित एक कार परीक्षण के लिए देश में लाई गई है।
जोशी ने लोकसभा में यह भी बताया कि वह ग्रीन हाइड्रोजन से चालित कार का उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीतिगत और राजनीतिक स्थिरता है और यह राजनीतिक स्थिरता बहुत लंबे समय तक रहने वाली है। हरित हाइड्रोजन के मामले में भारत केवल भागीदार नहीं बल्कि अग्रणी देश है।’’
जोशी ने बताया कि भारत में परीक्षण और अनुसंधान के लिए एक कार लाई गई है और देश के संस्थान इसका अध्ययन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘नेचुरल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ के तहत हरित हाइड्रोजन से वाहनों का परिचालन एक प्रमुख क्षेत्र है। जोशी के मुताबिक, इसके लिए पायलट परियोजना में हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए आवंटित कुल 19 हजार करोड़ रुपये में से 4,096 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
जोशी ने बताया कि ‘ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी’ की पायलट परियोजना में अभी 10 बस और 27 ट्रक शामिल हैं तथा 9 हाइड्रोजन रीफ्यूल स्टेशन भी हैं।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रगति बहुत अच्छी है और ग्रीन हाइड्रोजन तथा ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से काम बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी की बात है तो मैं ऐसी कार का इस्तेमाल कर रहा हूं जो हरित हाइड्रोजन से चलती है। यह बहुत बढ़िया कार है। दुनिया में अब तक 28 हजार ऐसी कारों की बिक्री हुई है।’’