हुबली, 28 फरवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने शनिवार को कहा कि उनकी टीम की रणजी ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत को बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है और यह उनके जीवन का सबसे बड़ा क्षण है।
जम्मू कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ फाइनल मैच ड्रॉ होने के बाद पहली पारी में बढ़त के आधार पर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
डोगरा ने मैच के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो मैं इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता, मेरे पास शब्द नहीं हैं। इस समय यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। विदा होने से पहले यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सच कहूं तो जेकेसीए (जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ) के साथ रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यहां के खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मैं केवल 11 खिलाड़ियों की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि सभी 14-15 खिलाड़ियों की बात कर रहा हूं। वे लाजवाब हैं, उन्होंने अपना पूरा योगदान दिया है और मैच जीतने के लिए बेताब रहे हैं। शुरुआत से ही उन्हें पूरा यकीन था कि हम रणजी ट्रॉफी जीतेंगे।’’
जम्मू कश्मीर में पहली पारी ने 291 रन की बढ़त हासिल की। उसकी तरफ से दूसरी पारी में कामरान इकबाल ने नाबाद 160 रन बनाए जिन्हें अंतिम क्षणों में अंतिम एकादश में शामिल किया गया था।
इकबाल ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह पहला अवसर है जबकि हमारे राज्य में कोई टूर्नामेंट जीता है। यह जेकेसीए के कोच, खिलाड़ियों और प्रशासकों के अथक प्रयासों का नतीजा है। इसलिए जेकेसीए को हार्दिक बधाई।’’
इकबाल को जनवरी में सौराष्ट्र के खिलाफ मैच के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था लेकिन शुभम खजुरिया के चोटिल होने के कारण उन्हें अंतिम समय में फाइनल मैच के लिए टीम में लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे थोड़ी चोट लगी थी। मैं घर पर था जब मुझे सुबह तीन बजे फोन आया। मैंने शाम को फ्लाइट पकड़ी। फिर मैं सुबह आठ बजे यहां आ गया। मैं अभ्यास कर रहा था और इसलिए खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार था।’’