बेंगलुरु, 13 फरवरी (भाषा) कर्नाटक में जारी नेतृत्व संघर्ष के बीच कांग्रेस आला कमान से दिल्ली में मुलाकात कर यहां वापस लौटे राज्य के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि वह ‘‘आशा और आत्मविश्वास’’ के साथ जीते हैं और कर्म का फल हमेशा मिलता है।
शिवकुमार ने इस बात को दोहराया कि ‘‘समय ही जवाब देगा’’। इस तरह की खबरें हैं कि पार्टी नेतृत्व उन्हें और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को सत्ता के संभावित हस्तांतरण पर चर्चा करने के लिए जल्द नयी दिल्ली बुला सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने नयी दिल्ली से लौटने के बाद एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा ‘‘मैं हमेशा आशा और आत्मविश्वास के साथ जीता हूं। चाहे यह आपके लिए हो, मेरे लिए हो या किसी और के लिए, प्रयास का फल हमेशा मिलता है, जहां प्रयास होता है, वहां फल मिलता है; जहां समर्पण होता है, वहां ईश्वर होता है।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके प्रयासों का फल जल्द ही मिलने की उम्मीद की जा सकती है, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में किसी और समय बात करते हैं।’’
ऐसी खबरें थीं कि सत्ता परिवर्तन की संभावना पर चर्चा के लिए कांग्रेस आला कमान उन्हें और सिद्धरमैया दोनों को 17 फरवरी के आसपास नयी दिल्ली बुलाएगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है। देखते हैं। समय ही सब कुछ स्पष्ट करेगा।’’
शिवकुमार ने अपनी नयी दिल्ली यात्रा के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ-साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की।
बृहस्पतिवार को दिल्ली में उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा था कि पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘धैर्य का फल मिलेगा’’।
उन्होंने कहा था कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य के हित में उचित समय पर निर्णय लेगा।