दक्षिण दिल्ली, फोकस न्यूज़, दक्षिण दिल्ली के छत्तरपुर इन्कलेव में सकल हिंदू समाज, छत्तरपुर द्वारा एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें एक हज़ार से अधिक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रहित और मानव कल्याण हेतु हवन से हुआ। सम्मेलन में समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। छत्तरपुर के विधायक श्री करतार सिंह एवं स्थानीय काउंसलर श्री उम्मेद सिंह फोगट सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन को प्रोत्साहन दिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता बिजय आनंद जी ने की। उन्होंने अपने भावपूर्ण संबोधन में हिंदू समाज में व्याप्त सामाजिक व जातिगत असमानताओं को दूर कर आपसी समरसता और एकता स्थापित करने पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. राजवीर शर्मा—सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ व शिक्षाविद्—ने हिंदू समरसता और सामाजिक सहभागिता के महत्व पर विचार रखे। श्री लाल बहादुर शास्त्री केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पौरोहित्य विभागाध्यक्ष प्रो. रामराज उपाध्याय ने सनातन संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई, जबकि सरोज जी ने “पंच प्राण” के माध्यम से नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित सम्मान समारोह में कला प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक श्रृंखला में संगीत शिक्षिका उर्मिला भट्ट एवं उनके शिष्यों द्वारा सरस्वती वंदना से सत्र का आरंभ हुआ। तनिशि व येशी ने गणेश स्तुति पर नृत्य प्रस्तुत किया। छह वर्षीय आरोही भट्ट का कथक नृत्य, छात्र देवांश का देशभक्ति गीत तथा छोटे बच्चों द्वारा “वंदे मातरम्” की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। राजेंद्र फार्म के बच्चों चांदनी, अनुष्का और डिंपल ने कृष्ण नृत्य प्रस्तुत किया।
विशेष बाल सत्र में चार वर्षीय त्रिशी द्वारा “सात समुंदर पार साईं”, शिवान्या रावत का नृत्य, अनायरा कुकरेजा का लक्ष्मीबाई गीत तथा जूनियर वर्ग के बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। ऑक्सफोर्ड स्कूल व वृंदा स्कूल के विद्यार्थियों ने योग आधारित नृत्य व समूह नृत्य प्रस्तुत किए। कुशल चौधरी ने संस्कृत श्लोक, राधारमेश ने देशभक्ति गीत तथा चैत्यन्य ने प्रेरक गीत सुनाया। प्रीति शर्मा एवं 12 बच्चों के समूह द्वारा भजन प्रस्तुति तथा नेब सराय की टोली द्वारा प्रस्तुत नाटक “छावा” कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। उत्तराखंडी लोककला की प्रस्तुति श्रीमती विनोद रावत एवं उनके दल ने दी।
आयोजकों ने कहा कि यह सम्मेलन हिंदू समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी में संस्कार और सांस्कृतिक चेतना जगाने तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। उपस्थित जनसमुदाय ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे प्रतिवर्ष आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।