नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार चौहान के साथ बजट 2026-27 के समग्र लाभों पर चर्चा के लिए बैठक की।
इस बैठक में म्यूचुअल फंड और परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग से जुड़े निवेशक और प्रमुख उद्योग प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘एनएसई में आयोजित यह बैठक बेहद उपयोगी और संवादपूर्ण रही। बजट के बाद उद्योग जगत में दिख रही आशावादिता, इससे मिलने वाले वृद्धि अवसरों से जुड़ा उत्साह और बैठक में सामने आए नए विचार और सुझाव उत्साहजनक हैं।’’
यह बैठक वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में बढ़ोतरी से जुड़ा प्रस्ताव रखे जाने के एक दिन बाद हुई है। बजट में वायदा अनुबंधों पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, विकल्प प्रीमियम पर एसटीटी 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत और विकल्प सौदे करने पर 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव है।
सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में एसटीटी से 73,700 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, शेयर बाजार को यह बजट घोषणा पसंद नहीं आई और रविवार को दोपहर के सत्र में बीएसई सेंसेक्स 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत टूटकर 79,899.42 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 748.9 अंक यानी 2.95 प्रतिशत गिरकर 24,571.75 पर आ गया था। हालांकि, बाद में दोनों सूचकांक आंशिक सुधार के साथ बंद हुए।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह स्पष्ट किया कि सरकार वायदा कारोबार के खिलाफ नहीं है, लेकिन छोटे निवेशकों को अत्यधिक सट्टेबाजी से होने वाले नुकसान से बचाना चाहती है।