जयपुर, 25 फरवरी (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कानोता और अचरोल में मंजूर सैटेलाइट अस्पताल को रद्द करने का आरोप लगाते हुए इस फैसले को उसकी अदूरदर्शिता और असंवेदनशीलता का प्रतीक करार दिया।
गहलोत ने एक बयान में कहा,‘‘दो साल बनाम पांच साल’ के दावों की पोल खोलती एक और हकीकत: कानोता और अचरोल में सैटेलाइट अस्पताल रद्द।’’
उन्होंने कहा कि जयपुर के एसएमएस अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम करने एवं सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध करवाने हेतु पिछली कांग्रेस सरकार ने अप्रैल, 2022 में जयपुर की चारों दिशाओं में सैटेलाइट अस्पताल खोलने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि उनमें दक्षिण में टोंक रोड पर शिवदासपुरा, पश्चिम में अजमेर रोड पर बालमुकुंदपुरा, पूर्व में आगरा रोड पर कानोता एवं उत्तर में दिल्ली रोड पर अचरोल शामिल थे।
गहलोत के अनुसार इन चारों सैटेलाइट अस्पतालों का काम कांग्रेस सरकार के दौरान ही शुरू हो गया था तथा बालमुकुंदपुरा एवं शिवदासपुरा सैटेलाइट अस्पतालों का निर्माण कार्य तो कांग्रेस सरकार में ही लगभग पूरा हो चुका था लेकिन निर्माण पूरा होने के एक साल बाद भी वर्तमान सरकार ने इन्हें जनता को समर्पित नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया,‘‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार में जमीन आंवटन होने के बावजूद सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने कानोता और अचरोल के सैटेलाइट अस्पतालों को अब रद्द कर दिया है जबकि आगरा रोड और दिल्ली रोड पर सड़क दुर्घटनाएं सर्वाधिक होती हैं।’
गहलोत के अनुसार-यह फैसला भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता और असंवेदनशीलता का प्रतीक है।
उन्होंने राज्य सरकार से जनहित के ऐसे महत्वपूर्ण कामों को बंद नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा,‘‘अगर यही रवैया रहा, तो आगामी पंचायतीराज एवं नगरीय निकाय चुनावों में आपको जनता का आक्रोश देखने को मिलेगा।’’