मेथी के नाम से सब वाकिफ हैं। मेथी के बीज मसाले के रूप प्रयोग में लाए जाते हैं और मेथी की पत्तियां सब्जी के रुप में खाई जाती है। स्वाद में तो मेथी कड़वी होती है। इसके बीज और पत्तियां दोनों में कड़वापन समाया होता है। कड़वी होने पर भी इसमें बहुत से औषधीय गुण छुपे हुए हैं। मेथी के पत्तों का साग कब्ज भी दूर करता है। जिगर संबंधी रोगों में पत्तों का रस निकालकर शहद के साथ बराबर मात्रा में लेने से लाभ होता है। बार बार पेशाब आने से परेशान रोगियों को उसके पत्तों का रस सुबह शाम पीना चाहिए। पत्तों के रस से मधुमेह रोगी का भी लाभ मिलता है। चोट लगने पर सूजन वाले स्थान पर पत्तों का पुलटिस बनाकर गर्म गर्म सिंकाई करने से सूजन दूर होती है। मधुमेह के रोगियों को प्रतिदिन 20-25 दाने मेथी खाना चाहिए। उससे रक्त में होने वाली शुगर कम होती है। मेथी दानों का पाक, प्रसूता स्त्री को देने से भूख लगती है और गर्भाशय की शुद्धि होती है। वायु के जोड़ों के दर्द में मेथी दानों को पीसकर गुड़ के साथ उसे पका कर खाने से दर्द दूर होता है और कमर और घुटने के दर्द में राहत मिलती है। मेथीदाने के 3 ग्राम चूर्ण को पानी के साथ लेने से कमर और घुटने के दर्द में राहत मिलती है। छाती के पुराने रोग से छुटकारा पाने के लिए बीजों का काढ़ा बनाकर शहद मिलाकर पीने से लाभ होता है। मेथी का सेवन किसी भी रूप में किया जाए तो स्वास्थ्य को लाभ प्राप्त होता है।