शबरिमला सोना ‘चोरी’ मामलों की जांच करने वाली एसआईटी में माकपा के ‘एजेंट’ शामिल हैं: सतीशन

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वायनाड (केरल), 10 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के नेता वी. डी. सतीशन ने शबरिमला मंदिर से सोना गायब होने के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के ‘एजेंट’ के शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे (एजेंट) इस मामले में हो रही जांच के बारे में चयनात्मक रूप से मीडिया में खबरें लीक कर रहे हैं।

सतीशन ने कहा कि जब पूर्व देवस्वओम मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन से सोना गायब होने से संबंधित दो मामलों में पूछताछ की गई थी, तो पूछताछ के अगले तीन से चार दिनों के बाद तक इसके बारे में कोई जानकारी बाहर नहीं आई, लेकिन जब संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के संयोजक अडूर प्रकाश से पूछताछ की गई तो उनके एसआईटी कार्यालय पहुंचने से पहले ही यह खबर मीडिया में चर्चा का विषय बन गई।

उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘इसलिए, एसआईटी में माकपा, सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय के ऐसे एजेंट हैं जो चुनिंदा खबरें लीक कर रहे हैं।’’

एसआईटी मंदिर के ‘द्वारपाल’ की मूर्तियों और ‘श्रीकोविल’ (गर्भगृह) की चौखट से सोने के गायब होने के आरोपों की जांच कर रही है।

एसआईटी मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) की चौखट और द्वारपाल की मूर्तियों पर लगी सोने की परतों से कथित तौर पर सोना गायब होने से जुड़े मामलों की जांच कर रही है।

सतीशन ने कहा कि पार्टी 2017 में शबरिमला मंदिर में नया ध्वज स्तंभ लगाने के मामले में सोने और धन के कथित दुरुपयोग की जांच के लिए उच्च न्यायालय द्वारा सतर्कता जांच का आदेश देने वाले फैसले का स्वागत करती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर में नए ध्वज स्तंभ की स्थापना से संबंधित सभी कार्य उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त ‘एडवोकेट कमिश्नर’ की उपस्थिति में और नियमों के अनुसार किए गए थे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उच्च न्यायालय ने एक आदेश में ‘एडवोकेट कमिश्नर’ द्वारा किए गए कार्य और ध्वज स्तंभ स्थापना पर उनकी रिपोर्ट की सराहना की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कार्य चोरी-छिपे नहीं किया गया था जैसा कि नियमों और उच्च न्यायालय की नियमावली का उल्लंघन करके द्वारपाल मूर्तियों और श्रीकोविल के कपाट की चौखटों पर सोने की परत चढ़ाने के मामले में किया गया था।’’

सतीशन ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी न तो जांच के खिलाफ है और न ही इसे लेकर चिंतित।

उच्च न्यायालय ने एक श्रद्धालु की शिकायत के बाद शबरिमला के मुख्य सतर्कता अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर ध्वज स्तंभ स्थापना में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर सतर्कता जांच का आदेश दिया।

मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मिली कमियां गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संभावित आपराधिक हेराफेरी, विश्वासघात, दस्तावेजों में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों की विस्तार से जांच की आवश्यकता है, जो भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दंडनीय हैं।