कांग्रेस ने केवल काम नहीं करने के बहाने दिए, मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद काम किया: सूर्या

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नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोमवार को कांग्रेस और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर युवाओं को दिशाहीन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने दस साल के शासन में केवल काम नहीं कर पाने के बहाने दिए, जबकि मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाया और युवाओं को सशक्त बनाया।

सूर्या ने लोकसभा में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यह दावा भी किया कि संप्रग सरकार के दस साल के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषणों में विकसित भारत और भारत की संस्कृति, विरासत, भाषा और सभ्यता का एक भी बार जिक्र नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार राष्ट्रपति के अभिभाषण में जो बात कही गई, वह आजाद भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं कही गई थी कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भारत सबसे समृद्ध देश है। इसमें मैकाले के षड्यंत्रों का उल्लेख किया गया। यह सभ्यतागत अंतर दोनों पार्टियों (भाजपा और कांग्रेस) के रुख में है।’’

भाजपा सांसद ने कहा 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद वादा किया गया कि देश में परंपरा और प्रौद्योगिकी को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार ने हृदय योजना, प्रसाद योजना, एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना बनाईं और उसके शासनकाल में ही अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दस साल तक युवाओं को दिशाहीन किया, उन्हें जागृत करने का प्रयास ही नहीं हुआ, लेकिन आज देश के युवा नये भारत का संकल्प ले चुके हैं।

सूर्या ने कहा, ‘‘पिछले दस साल में देश में सबसे बड़ा बदलाव आया है कि समाज की संस्कृति बदली है और आकांक्षाओं में बदलाव हुआ है। दस साल पहले देश के युवाओं की पहली आकांक्षा सरकारी नौकरी की थी और बाद में निजी क्षेत्र में जाते थे। वहां भी रोजगार नहीं मिलता था तो अपना कारोबार करने की सोचते थे।’’

भाजपा सदस्य ने कहा, ‘‘आज देश में युवाओं की महत्वाकांक्षा में बदलाव आया है। देश के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि संप्रग के दस साल में स्टार्टअप, उद्यमशीलता, व्यापार सुगमता और पीएलआई जैसे शब्दों का एक बार भी जिक्र नहीं होता था।

सूर्या ने कहा कि लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने युवाओं को नया भारत निर्माण का नया शब्दकोश दिया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऐसे समय में यह अभिभाषण दिया है जब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री मोदी और इस सरकार की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और वह (मोदी) तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं, जबकि इसी अवधि में दुनिया के अनेक लोकतंत्रों में उथल-पुथल मची रही और कई नेता सत्ता में आए और गए।

भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले दस साल के शासन के दौरान सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में भ्रष्टाचार और घोटालों का एक भी बार उल्लेख नहीं है, जबकि संप्रग शासन के दौरान 2011 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में गरीबों तक उनके फायदे नहीं पहुंचने पर चिंता व्यक्त की गई थी।

सूर्या ने कहा, ‘‘उनके (कांग्रेस के) समय हर अभिभाषण में विफलता को लेकर स्पष्टीकरण होता था। महंगाई को लेकर सफाई दी जाती थी। आर्थिक मंदी पर चिंता व्यक्त की जाती थी। तब भाषण में बहाने होते थे। लेकिन राष्ट्रपति (मुर्मू) ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बाद भी पिछले 11 साल में देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत हुई है।’’

भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘चुनौतियां पिछले 10 साल में भी आईं। कोरोना जैसी महामारी आई। लेकिन कमजोर नेतृत्व बहाने देते हैं, वहीं महान नेतृत्व इन चुनौतियों के बावजूद कहते हैं कि ‘‘हम कर रहे हैं’’। यही अंतर भाजपा और कांग्रेस के बीच, प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस के बीच है।’’

सूर्या ने कहा कि संप्रग सरकार दस साल तक आंतरिक सुरक्षा से समझौते करती रही। उन्होंने कहा कि उनके समय देश आतंकवाद से ग्रस्त था और वामपंथी उग्रवाद भी था।

उन्होंने कहा कि आज देश में माओवादी उग्रवाद पूरी तरह खत्म होने के कगार पर है।

भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान कश्मीर का जब भी उल्लेख होता था, आतंकवाद और हिंसा के साथ होता था, लेकिन 2014 के बाद और अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद पहली बार कश्मीर का उल्लेख विकास और युवाओं के सशक्तीकरण के साथ हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लगातार कई वर्ष तक महिला सशक्तीकरण विधेयक लाने की प्रतिबद्धता जताती रही और 2013 में उसे वापस ले लिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद यह वादा पूरा किया गया।

सूर्या ने कहा, ‘‘कांग्रेस का वादा कभी प्रतिबद्धता में लागू नहीं हुआ।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य मेगावाट में होते थे, लेकिन मोदी सरकार में गीगावाट में लक्ष्य रखे जाते हैं।

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