लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान की कंपनियों को राज्य में निवेश करने के लिए बुधवार को आमंत्रित किया।
राज्य सरकार की ओर से लखनऊ में जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जापान की राजधानी तोक्यो में ‘उत्तर प्रदेश निवेश रोड शो’ को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य, भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। इसने पिछले नौ वर्ष में अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्ष में एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डे बना बुनियादी ढांचे को अभूतपूर्व गति दी गई।
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
आदित्यनाथ ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश की देश की खेती योग्य भूमि में केवल 11 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद भारत के खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे भारत की ‘फूड बास्केट’ होने का गौरव प्राप्त हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण एवं लॉजिस्टिक में व्याप्त अवसरों का उल्लेख किया और जापानी कंपनियों को खेत से बाजार तक मूल्य संवर्धन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के व्यापक जल संसाधनों का भी जिक्र किया और कहा कि ‘मीठे पानी’ के भंडार खेती के साथ-साथ हरित हाइड्रोजन और ‘पंप स्टोरेज’ परियोजना जैसे उभरते क्षेत्रों को भी मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की 56 प्रतिशत आबादी काम करने वाले लोगों की है। इसलिए यह राज्य सभी क्षेत्र में कार्य कुशल और किफायती श्रम शक्ति से युक्त भी है।
एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक पार्क बनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने जापान के कारोबारियों को निजी औद्योगिक पार्क परियोजनाओं में योगदान देने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने हवाई संपर्क में बड़े सुधारों की बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 16 घरेलू और चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे चालू हैं। वहीं जल्द शुरू होने वाला नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा।
मुख्यमंत्री ने भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों पर कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम का जन्मस्थान है और कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती एवं कुशीनगर जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों का घर है।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रामायण और बौद्ध सर्किट जैसी पहल की जा रही हैं।
आदित्यनाथ की यह पहली जापान यात्रा है। इसका मकसद रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को गहरा करने और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में पेश करना है।