नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) विपक्षी दलों ने केंद्रीय बजट को सभी वर्गों के लिए निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि देश को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कोई उम्मीद नहीं है।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘(बजट संबंधी) दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करना अभी बाकी है, फिर भी 90 मिनट (के भाषण के) बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। यह पूरी तरह फीका और निराशाजनक रहा।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई।’’
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट के लिए है।
उन्होंने यह दावा भी किया, ‘‘यह बजट केरल के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। पिछले 10 वर्षों से केरल के लिए एम्स को लेकर वादे किए जा रहे हैं, लेकिन इस बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं है।’’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो लोगों को लोहे पर पीतल चढ़ाकर गहने पहनने पड़ेंगे।
उन्होंने दावा किया, ‘‘बुनियादी मुद्दे, शिक्षा और स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ किया गया है… अगर हम सच में विकसित भारत का सपना देखना चाहते हैं, तो हमें शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत ज़्यादा बजट देना होगा। यह समझ से बाहर का बजट है। सिर्फ सपने दिखाने वाला बजट है।’’
यादव ने कहा, ‘‘जब भाजपा से उम्मीद नहीं है तो फिर बजट से क्या उम्मीद करेंगे। आम जनता को निराशा किया है। किसी को राहत देने वाला बजट नहीं है। यह सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए बजट है।’’
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वित्त मंत्री ने 85 मिनट का बजट भाषण दिया, लेकिन एक बार भी पश्चिम बंगाल का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘बजट किसान, युवाओं और रोजगार सृजन को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई। किसी समुदाय के लिए कोई समाधान नहीं दिया गया। यह बजट आधारहीन है और इसमें कोई दृष्टिकोण भी नहीं है।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसके मंत्री बंगाल को बांग्लादेश के नजरिये से देखते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है।
उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की।