वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हुआ भारत: नड्डा

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लखनऊ, तीन फरवरी (भाषा) केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि भारत आज एक वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने मंगलवार को यहां वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के समागम ‘उत्तर प्रदेश दवा सम्मेलन – एक’ को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, ”भारत आज एक वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है और देश दुनिया की लगभग 30 प्रतिशत जेनरिक दवाएं और लगभग 60 प्रतिशत तक वैश्विक वैक्सीन मांग की आपूर्ति करता है। हमारे दवा उत्पाद 200 से अधिक देशों में निर्यात होते हैं।”

नड्डा ने कहा, ”आज इस दवा सम्मेलन में उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपने विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण पर खड़ा है।”

उन्होंने कहा, ”पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मजबूत डिजिटल आधारभूत ढांचा और व्यापक शासन के सुधारों के कारण भारत आज एक भरोसेमंद और जिम्मेदार वैश्विक साझेदारी के रूप में पहचान बना रहा है।

नड्डा ने कहा, ”जी-20 की अध्यक्षता और वैक्सीन कूटनीति में भारत की भूमिका ने हमारी वैश्विक जिम्मेदारी और क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। इस परिवर्तन की सबसे स्पष्ट झलक और स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में देखने को मिलती है।”

नड्डा ने कहा कि आयुष्‍मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आज 62 करोड़ से अधिक लाभार्थी स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा के दायरे में हैं। अब तक 10 करोड़ से अधिक उपचार इस योजना के माध्‍यम से संभव हुए हैं और एक लाख 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक स्वास्थ्य व्यय सरकार द्वारा वहन किया गया है।

उन्होंने कहा कि देश भर में एक लाख 80 हजार से अधिक आरोग्य मंदिर स्थापित किये गये। इन केंद्रों के माध्यम से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं केवल इलाज तक ही सीमित न रहकर प्राथमिक देखभाल, रोकथाम, गैर संचारी रोगों पर नियंत्रण और बुजुर्गों की देखभाल तक विस्तार ले चुकी हैं।

नड्डा ने कहा कि आयुष्‍मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब तक लगभग 84 करोड़ 70 लाख आभा आईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य रिकार्ड तैयार किया गया है। इससे स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में पारदर्शिता आई है।

उन्होंने कहा कि दवा और स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक नेतृत्‍व के महत्वपूर्ण स्तंभ होंगे।

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