नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमावर्ती गांवों के व्यापक और सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए तैयार किये गये ‘जीवंत ग्राम कार्यक्रम’ (वीवीपी) के दूसरे चरण की शुक्रवार को शुरुआत करेंगे, जिसमें 15 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 1,954 सीमावर्ती गांव शामिल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वीवीपी का दूसरा चरण केंद्र द्वारा वित्त पोषित योजना होगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2028-29 तक 6,839 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय मंत्री असम के कछार जिले के नाथनपुर से इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
बयान में कहा गया है, ‘‘इसका उद्देश्य आवश्यक बुनियादी ढांचे में सुधार करना, बुनियादी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है, जिससे ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप सुरक्षित और समृद्ध सीमावर्ती समुदायों का विकास हो सके।’’
केंद्र सरकार द्वारा 15 फरवरी, 2023 को वीवीपी कार्यक्रम को मंजूरी दी गई थी, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख राज्यों के 19 जिलों में उत्तरी सीमा से सटे 46 ब्लॉक के 662 चयनित गांवों को शामिल किया गया था।
गृह मंत्रालय द्वारा वीवीपी के पहले चरण के तहत 3,431 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली 2,558 परियोजनाओं/कार्यों को मंजूरी दी गई थी और जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा शिविर, मेले और त्योहार और पर्यटन को बढ़ावा देने समेत 8,500 से अधिक गतिविधियां शुरू की गई हैं।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने तीन फरवरी को लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा था कि सरकार ने दो अप्रैल, 2025 को दूसरे चरण को मंजूरी दे दी थी जिसमें 15 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 1,954 सीमावर्ती गांवों को व्यापक विकास के लिए चिह्नित किया गया है।
बयान में कहा गया है, ‘‘इन गांवों को सशक्त बनाकर, यह कार्यक्रम निवासियों को राष्ट्र की आंख और कान के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है, जिससे सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।’’