आलिया भट्ट ‘गली बॉय’ (2019) और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) के बाद एक बार फिर रणवीर सिंह के साथ फिल्म ‘प्रलय’ में नजर आने वाली हैं।
यदि खबरों की माने तो रणवीर सिंह फिल्म ‘धुरंधर’ (2025) की सुपर सक्सेस के बाद अब जल्दी ही अपनी अगली फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू करने वाले हैं जिसे जय मेहता बना रहे हैं।
सर्वाइवल ड्रामा ‘प्रलय’ एक जॉम्बी-थ्रिलर है। सूत्र के हवाले से खबर आ रही है कि ‘प्रलय’ की ‘कहानी में फीमेल लीड एक्ट्रेस एक लव इंटरेस्ट के तौर पर होने के बावजूद यह किरदार बेहद अहम है ।
इस किरदार को मेकर सिर्फ एक लव इंटरेस्ट के तौर पर पेश करना नहीं चाहते बल्कि इस किरदार को निभाते हुए आलिया भट्ट एक ढहती हुई दुनिया में फिल्म के हीरो के विचारों को चुनौती देती नजर आएंगी।
‘प्रलय’ के अलावा आलिया भट्ट के पास ‘अल्फा’, ‘ब्रह्मास्त्र- पार्ट 2’ और ‘लव एंड वॉर’ जैसी फिल्में हैं। वहीं रणवीर सिंह 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार ‘धुरंधर- पार्ट 2’ में नजर आएंगे।
आलिया की तुलना अक्सर काजोल के साथ की जाती है। लेकिन आलिया ने काजोल की तुलना में कहीं ज्यादा विविध किरदार निभाए हैं। काजोल ज्यादातर रोमांटिक, ड्रामेटिक, या फैमिली ड्रामा फिल्मों में नजर आईं जबकि आलिया ने थ्रिलर, बायोपिक, और सोशल ड्रामा तक हर जोनर में हाथ आजमाते हुए खुद को साबित किया है।
काजोल के इमोशनल सीन में ऑडियंस को रूलादेने वाली एक गहराई हुआ करती थी। काजोल की तरह आलिया भी इमोशंस को सिल्वर स्क्रीन पर काफी दमदार तरीके से पेश करती हैं लेकिन उनकी शैली थोड़ी मॉडर्न और सूक्ष्म है जो आज की पीढ़ी की ऑडियंस को ज्यादा पसंद आती है।
काजोल की स्क्रीन प्रजेंस में उनकी एनर्जी उनकी बोल्डनेस से आती थी जबकि आलिया की स्क्रीन प्रजेंस उनकी सादगी और किरदार में डूबने की काबिलियत से बनती है।
काजोल के फैंस का मानना है कि आलिया के पास वह करिश्मा और जादू नहीं है जो काजोल में था। उन फैंस के दिलो दिमाग पर ‘दिलवाले दुल्हनिया’ ‘कुछ कुछ होता है’ या ‘कभी खुशी कभी गम’ वाला काजोल का असर आज भी बरकरार है।
काजोल के कुछ फैंस का मानना है कि आलिया की सफलता उनके फिल्मी बैकग्राउंड और मौजूदा दौर के प्रमोशन की वजह से है वर्ना वह काजोल के सामने कहीं नहीं टिकतीं जबकि आलिया के फैंस को लगता है कि वह काजोल से कहीं आगे हैं। वे उनकी मेहनत, वर्सटिलिटी, और लगातार अच्छी फिल्में देने की तारीफ करते हैं।
कुछ लोग तो इन दोनों एक्ट्रेस की तुलना को ही गलत मानते हैं। उनके लिए काजोल अपने समय की रानी थीं और आलिया आज की सुपरस्टार हैं। दोनों का टैलेंट अपने-अपने दौर के हिसाब से बेमिसाल है।
काजोल ने अपने समय में जो किया, वह उस दौर के सिनेमा के हिसाब से शानदार था। उनकी फिल्में भावनाओं और मास अपील पर टिकी थीं जबकि आलिया आज के सिनेमा की जरूरतों—वर्सटिलिटी, ग्लोबल अपील और स्टोरी-ड्रिवन किरदारों—को पूरा करती हैं।
काजोल और आलिया के फैंस के अपने अपने तर्क नजर आते हैं। ऐसे में कौन किसके मुकाबले श्रेष्ठ है यह कहना काफी मुश्किल हो जाता है लेकिन सच्चाई यह है कि काजोल का दौर खत्म हो चुका है और अब आलिया भट्ट अच्छी एक्टिंग की परंपरा को शानदार तरीके से आगे ले जा रही हैं।
