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नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कहा कि लोकसभा में पहली बार कार्यवाही का 22 भाषाओं में समांतर अनुवाद शुरू हो चुका है और 2027 में इन सभी भाषाओं में कार्यवाही का प्रसारण किया जाएगा।

बिरला ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संसद में नवाचार के अनेक प्रयास गिनाते हुए कहा कि अभी तक सांसदों को उनके लिखित प्रश्न का उत्तर सुबह 9.30 बजे तक मिलता था, लेकिन अब उन्हें एक दिन पहले रात में ही उत्तर मिल जाएगा जिससे वे अपने पूरक प्रश्न तैयार कर सकेंगे।

जब अध्यक्ष से संसद में विधेयक पेश किए जाने से ऐन पहले उसकी प्रति दिए जाने के संबंध में कुछ विपक्षी सदस्यों की चिंताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भी मत है कि सदस्यों को विधेयक मिलने के बाद उस पर चर्चा में भाग लेने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए जिससे वह तैयारी कर सकें।’’

उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विभागों के मंत्रियों से कहा गया है कि नियम-प्रक्रिया के तहत विधेयक पेश करने से पहले सदस्यों को उसके अध्ययन के लिए जितना समय मिलना चाहिए, उतना दिया जाए।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में पहली बार कार्यवाही का 22 भाषाओं में समांतर अनुवाद किया जा रहा है। बिरला ने कहा कि 2027 में इन सभी भाषाओं में कार्यवाही का प्रसारण किया जाएगा।

बिरला ने कहा, ‘‘मुझे आशा है कि बजट सत्र में सदस्य सभी बाइस भाषाओं में बोलेंगे और ऐसा इतिहास में पहली बार होगा। केवल भारत की संसद में यह सुविधा है।’’

बिरला ने यह भी कहा कि इस साल मानसून सत्र में एआई के माध्यम से सदस्यों को समस्त परिपत्र बाइस भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे और इस दिशा में प्रयास जारी हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संसद की कार्यवाही का लिखित पाठ आधे घंटे में उपलब्ध हो जाएगा।

बिरला ने कहा कि सदन में भाषणों के बाद कुछ चीजों का सत्यापन करना होता है, इसलिए अंतिम पाठ मिलने में देरी होती है लेकिन असत्यापित पाठ आधे घंटे में वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल संसद पर अब तक के सभी बजट उपलब्ध होंगे और सभी राज्यों की विधानसभाओं को भी शत प्रतिशत डिजिटल करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुराने संसद भवन के बारे में संवाददाताओं के प्रश्न का उत्तर देते हुए बिरला ने कहा कि अलग-अलग विशेषज्ञों से इस बारे में चर्चा की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘विशेषज्ञों की राय पर संसद की जनरल बॉडी जिसमें सदन में दलों के नेता होते हैं, की बैठक में चर्चा होगी और पुराने संसद भवन के बारे में निर्णय लिया जाएगा।’’

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