नारी के लिए अच्छे पौष्टिक आहार को लेकर बहुत गलतफहमियां हैं। आइये हम आपको कुछ ऐसी बातें बताते हैं जो आपकी गलतफहमियां दूर कर देंगी। नारी को ज्यादा कैल्शियम की जरूरत हैः- यह बहुत मात्रा में नष्ट हो जाता है और आस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए यह जरूरी है। यह तभी सही है यदि आपके आहार में कमी है। कैल्शियम आपको आम खाने के जरिए भी मिल सकता है-दूध, फल, जूस आदि से आपकी कैल्शियम की कमी पूरी हो सकती है और आपकी यह कोशिश होनी चाहिये कि आपकी कैल्शियम की कमी पौष्टिक आहार से ही दूर हो और आपको कैल्शियम दवाई के रूप में न लेना पड़े। नारी को कई तरह के पौष्टिक आहारों की पुरूषों से भी अधिक आवश्यकता होती हैः- यदि उनका वजन कम हो तो उन्हें कई तत्व ज्यादा मात्रा में लेने आवश्यक होते हैं। मासिक धर्म के कारण औरतें काफी तत्व खो बैठती हैं। बच्चे पैदा करने से और फिर रजोनिवृत्ति के समय भी इनकी काफी तत्व खो जाते हैं इसलिए इन्हें कई खाद्य पदार्थों की पुरूषों से ज्यादा आवश्यकता होती है। उन्हें लौह तत्व और कैल्शियम युक्त आहार ज्यादा चाहिये। प्रोटीन युक्त पदार्थ भी ज्यादा चाहियें। गर्भावस्था में औरतों को हरी सब्जी व फल खाने चाहियें- यह भी सच है। गर्भावस्था में यह बहुत जरूरी है। ये आहार पैदा होने वाले शिशुओं को वे जरूरी विटामिन व मिनरल देते हैं जो पैदा होने वाले शिशु के काम आते हैं। जो औरतें डायटिंग करती हैं, उनके लौह तत्व कम हो जाते हैं- महिलाओं को 13 मिलीग्राम लौह तत्व की प्रत्येक दिन आवश्यकता होती है। हर 1000 कैलोरी आहार में एक आम इंसान को केवल 7 मिलीग्राम लौहतत्व मिलते हैं। इससे साफ पता लगता है कि आपको इसकी पूर्ति करनी पड़ती है। इसलिए औरतों को इसकी कमी या तो आहार से पूर्ण करनी होती है या फिर लौह तत्व वाली दवाइयों से, इसलिए औरतों को ज्यादा कलेजी, पालक, मछली, आलूबुखारे, केले इत्यादि खाने चाहिये।