वडोदरा, 10 जनवरी (भाषा) टी20 विश्व कप टीम से बाहर किए जाने के बाद भारत के वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने शनिवार को कहा कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं और जब भी मौका मिलेगा अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देने की कोशिश करेंगे।
गिल को अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए नहीं चुना गया लेकिन 26 साल का यह खिलाड़ी खेल के दो अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में भारत का नेतृत्व करता रहेगा।
गिल ने भारत के लिए 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 869 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 28.03 और स्ट्राइक रेट 138.59 का रहा है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के शुरूआती वनडे से पहले गिल ने कहा, ‘‘ मैं वहीं हूं, जहां मुझे होना है। मेरी तकदीर में जो लिखा है उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता। एक खिलाड़ी हमेशा यह मानता है कि वह देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देगा। चयनकर्ताओं ने अपना निर्णय लिया है। मैं हमेशा वर्तमान में रहने की कोशिश करता हूं, इससे जीवन आसान हो जाता है।’
भारत टी20 विश्व कप से पहले तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले खेलेगा। विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होगी।
गिल ने कहा, “जब हमने पिछली बार न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे खेले थे तब मेरा पदार्पण हुआ था और मैं हमेशा उस दिन को संजोकर रखता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी प्रारूप को आसान नहीं मानना चाहिए। अगर आप देखें, तो भारतीय टीम ने 2011 के बाद कोई वनडे विश्व कप नहीं जीता है। ऐसे में कोई भी प्रारूप आसान नहीं होता और इसके लिए बहुत मेहनत और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।’’
गिल ने कहा कि उन्हें पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट और उसके बाद की वनडे श्रृंखला छोड़नी पड़ी थी, क्योंकि कोलकाता में पहले टेस्ट के दूसरे दिन लगी गर्दन की चोट के कारण उन्हें दो दिन अस्पताल में रहना पड़ा।
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘ किसी मैच को छोड़कर टीम को खेलते हुए देखना कभी आसान नहीं होता । कप्तान के रूप में बहुत कुछ करना होता है, आपको गति बनानी होती है और उसी पर निर्माण करना होता है।”
गिल ने प्रारूपों के बीच बदलाव के समय तैयारी के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “पिछली दो टेस्ट श्रृंखलाओं में हमारे पास पर्याप्त तैयारी का समय नहीं था। अगर हम दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ जीतते, तो भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए तैयारी बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे पास दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज श्रृंखला से पहले पर्याप्त समय नहीं था। सफेद गेंद से लाल गेंद की तैयारी के लिए समय मिलना अच्छा है।”