हमें एक-दूसरे पर भरोसा है, सीमित ओवरों की ट्रॉफी जीतना चाहते थे: विदर्भ के कोच गनी

0
asdewqde

बेंगलुरु, 19 जनवरी (भाषा) विदर्भ के मुख्य कोच उस्मान गनी का मानना ​​है कि विजय हजारे ट्रॉफी में उनकी टीम की शानदार जीत खिलाड़ियों के एक-दूसरे पर भरोसे का नतीजा है, जिससे उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से सफलतापूर्वक उबरने में मदद मिली।

रणजी ट्रॉफी के मौजूदा चैंपियन विदर्भ ने रविवार को यहां सौराष्ट्र को 38 रन से हराकर घरेलू एक दिवसीय टूर्नामेंट का खिताब भी अपने नाम किया।

गनी ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं। हमारे पास सीमित ओवरों की क्रिकेट के लिए भी मजबूत टीम है लेकिन इससे पहले हम सफेद गेंद के प्रारूप में ट्रॉफी नहीं जीत पाए थे। इस साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी हम कुछ करीबी मैच में हार गए थे और सुपर लीग तक भी नहीं पहुंच पाए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस बार हम आत्मविश्वास से भरे थे और हमने एक-दूसरे का साथ दिया ताकि हम सीमित ओवरों की ट्रॉफी जीत सकें। टीम ने सकारात्मक क्रिकेट खेलकर चुनौती का बखूबी सामना किया।’’

गनी ने अपनी टीम की जीत के रहस्य का खुलासा करते हुए कहा कि वह सभी खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रत्येक खिलाड़ी का समर्थन करना होगा, चाहे परिस्थिति कितनी भी मुश्किल क्यों न हो। हमें उनके साथ खड़े रहना होगा। अगर कोई मैच हमारे लिए खराब जाता है तो हमें हमेशा वापसी करने का भरोसा रहता है और यही हम टीम के हर सदस्य को सिखा रहे हैं।’’

गनी ने कहा, ‘‘यह अब टीम की मानसिकता बन गई है और अगर आप पिछले कुछ मैचों (विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल) को देखें तो हमें इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है। यह सब एक टीम के रूप में सकारात्मक मानसिकता बनाए रखने से जुड़ा है।’’

घरेलू क्रिकेट सर्किट की कई टीमों के विपरीत विदर्भ ने लाल गेंद और सफेद गेंद के प्रारूपों के बीच सही संतुलन स्थापित कर लिया है। गनी ने इसका श्रेय विदर्भ की मजबूत ‘बेंच स्ट्रैंथ’ और अच्छे विकल्पों की मौजूदगी को दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ध्रुव शोरे को फाइनल में खेलने का मौका नहीं मिला। दानिश मालेवार भी हमारे साथ नहीं थे क्योंकि वह राजकोट में लीग चरण के दौरान चोटिल हो गए थे। लेकिन विदर्भ की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत है और टीम में एक स्थान के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। हमारे पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो मौके का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं।’’

विदर्भ रणजी ट्रॉफी में अपना अभियान 22 जनवरी को अनंतपुर में आंध्र प्रदेश के खिलाफ फिर से शुरू करेगा। उसकी टीम अभी पांच मैचों में 25 अंकों के साथ ग्रुप ए में शीर्ष पर है।

गनी ने कहा, ‘‘सफेद गेंद के प्रारूप से लाल गेंद के प्रारूप में ढलना चुनौती है लेकिन यह सभी टीमों के लिए है। हम जानते हैं कि इस चुनौती से किस तरह से निपटना है।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *