एजेंसियों की मदद करना ट्रंप की ‘वैधानिक जिम्मेदारी’: संयुक्त राष्ट्र

0
antonio_650_101316091645

न्यूयॉर्क, नौ जनवरी (एपी) संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि विश्व निकाय द्वारा संचालित 30 से अधिक पहलों से समर्थन वापस लेने की व्हाइट हाउस की घोषणा के बाद भी अमेरिका की यह वैधानिक जिम्मेदारी है कि वह संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों को वह धन दे जिसका वादा किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि उन्हें विश्व निकाय से संबंधित 31 एजेंसियों से अमेरिका को बाहर निकालने संबंधी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर खेद है।

दरअसल ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के कई निकायों और भारत-फ्रांस नीत अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) समेत 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का फैसला किया है। ट्रंप ने इन संस्थाओं को ‘अनावश्यक’ और अमेरिका के हितों के ‘विरुद्ध’ बताया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा, ‘‘ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अनुमोदित संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट और शांति स्थापना बजट के लिए आकलित योगदान सभी सदस्य देशों का कानूनी दायित्व है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस घोषणा के बावजूद संयुक्त राष्ट्र की वे संस्थाएं अपना काम करती रहेंगी। संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी है कि वह उन लोगों के लिए काम करे जो हम पर निर्भर हैं।’’

संयुक्त राष्ट्र और इससे प्रभावित कई संस्थाओं ने बताया कि उन्हें बुधवार को समाचार की खबरों और व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अमेरिका के इस कदम के बारे में पता चला। दुजारिक ने पत्रकारों को बताया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से इस घोषणा के संबंध में कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई है।

संयुक्त राष्ट्र के कई अधिकारियों ने इस कदम के उनकी एजेंसियों पर पड़ने वाले प्रभाव पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें अमेरिकी सरकार ने कोई विवरण या आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *