अफगानिस्तान पर टिप्पणियों को लेकर मचे बवाल के बाद ट्रंप ने ब्रिटेन की सेना की तारीफ की

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लंदन, 25 जनवरी (एपी) अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) देशों के सैनिकों के अग्रिम मोर्चे से दूर रहने का बयान देकर विवाद पैदा करने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अफगानिस्तान में लड़े ब्रिटिश सैनिकों की प्रशंसा की।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान को लेकर ब्रिटेन में कई लोगों में आक्रोश देखा गया कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो देशों के सैनिक अग्रिम मोर्चे से दूर रहे थे।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ हुई बातचीत के बाद, ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘‘ब्रिटेन के महान और बहुत बहादुर सैनिक हमेशा अमेरिका के साथ रहेंगे।’’

उन्होंने अफगानिस्तान में जान गंवाने वाले और बुरी तरह घायल हुए 457 ब्रिटिश सैनिकों और महिलाओं को ‘‘सभी योद्धाओं में सबसे महान’’ बताया।

ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंध ‘‘इतने मजबूत हैं कि कभी टूट नहीं सकते’’ और ‘‘अत्यंत उत्साह और जज्बे वाला ब्रिटेन (अमेरिका को छोड़कर) किसी से कम नहीं है।’’

इससे पहले, ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में बृहस्पतिवार को ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान नाटो देशों के सैनिक अग्रिम मोर्चे से दूर रहे।

इस पर स्टार्मर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘‘मैं राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणियों को अपमानजनक और वास्तव में भयावह मानता हूं और मुझे आश्चर्य नहीं है कि इससे मारे गए या घायल हुए लोगों के परिजनों और वास्तव में पूरे देश को बहुत दुख पहुंचा है।’’

ट्रंप ने इन टिप्पणियों के लिए सीधे तौर पर माफी नहीं मांगी और न ही उन्हें वापस लिया।

स्टार्मर के कार्यालय ने बताया कि शनिवार को दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में यह मुद्दा उठाया गया था, जिसमें यूक्रेन युद्ध और आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई थी।

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