ताजमहल जैसे और भी हैं प्रेम के प्रतीक

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जीवनसाथी के प्रति प्रेम को संसार में चिरस्मरणीय बनाए रखने के लिए खूबसूरत महल, ऊंचे-ऊंचे, बड़े-बड़े शानदार किले, आलीशान मकबरों आदि का बनाना नई बात नहीं है। इस का ज्वलंत उदाहरण ‘महलों का ताज‘, भारत के आगरा में बना अद्वितीय प्रेम का प्रतीक ताजमहल अपनी सुंदरता, भव्यता एवं आकर्षण के कारण विश्व के 9 आश्चर्यों में एक है।
आगरा का ताजमहल अकेला ही एक ऐसे प्रेम का प्रतीक है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। भारत के मुगल बादशाह शाहजहां की पत्नी मुमताज की मृत्यु के बाद शाहजहां ने अपने सच्चे प्यार को अमर करने के लिए दुनिया का सबसे सुंदर और सर्वश्रेष्ठ महल बनाने की ठान ली थी और इस तरह एक अत्यंत सुंदर, आलीशान महल बन गया जिसे उसकी अद्वितीय सुंदरता एवं भव्यता के कारण ताजमहल का नाम दिया है।
प्रेम के प्रतीक कई प्रकार के होते हैं, सिर्फ महल ही नहीं। विश्व में अमरप्रेम के और भी प्रतीक हैं।
दिल्ली में बने हुमायूं के मकबरे की शानो-शौकत ताजमहल से कम नहीं है। मुगल बादशाह हुमायूं की मृत्यु के बाद उसकी विधवा हमीदा बानो बेगम ने अपने पति की याद में 1565 मंे दिल्ली में मथुरा रोड के पास एक आलीशान एवं भव्य मकबरा बनाया। इसे देखने से आपको किसी राजा के आलीशान महल की याद आती है। 15 लाख रूपयों में बनने वाले हुमायूं के इस मकबरे को ‘ताजमहल का दादा‘ भी कहते हैं। दिल्ली का यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है।
यह मुगल साम्राज्य की अद्वितीय वास्तुकला तथा शिल्पकला को भारत में फैलाने वाला प्रथम स्मारक है जिसमें पर्शियन निर्माण शैली की छवि दिखती है जो चारों तरफ सुंदर, हरे-भरे बगीचों और क्यारियों से घिरा है। यह मकबरा भारतीय उपमहाद्वीप में मुगलों द्वारा बना प्रथम औद्योगिक मकबरा है जो आगे चलकर मुगलों के अनेक स्मारकों को बनाने में प्रेरणा बना। ताजमहल उसमें से एक है।
‘बोल्ट कैसल‘ कनाडा में स्थित है। कनाडा में 1000 आईलैंड्स पर बोल्ट कैंसल महल को जॉर्ज बोल्ट ने अपनी प्रिय पत्नी लुईस की याद में बनवाया था। 1851 में जन्मा जॉर्ज बोल्ट, अमेरिका का एक अरबपति था। बोल्ट अपनी पत्नी लुईस, जिसे वह ‘ब्यूटीफुल प्रिंसेस‘ कहकर पुकारता था, को बहुत प्यार करता था। बोल्ट ने 1000 आइलैंड्स पर लुईस की याद में एक चिरस्मरणीय महल बनाने का निश्चय किया। 1900 में इस प्रेम के प्रतीक का बनना शुरू हुआ। शायद उसने आगरा के ताजमहल का नाम नहीं सुना था।
अत्यंत आधुनिक साज-सज्जा एवं विश्व के विभिन्न भागों से लाई गई कलाकृतियों से सजा यह कैसल दुनिया के किसी राजमहल से कम नहीं है।
बेबीलोन का ‘हैंगिंग गार्डेंस‘ ‘सेवन वंडर्स ऑफ एंशिएंट वर्ल्ड‘ में गिना जाता है। हैंगिंग गार्डेंस को बने 2500 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है किंतु अपने समय में बने स्मारकों में यह अपनी खूबसूरती और इसके बनने के पीछे जुड़ी कहानी के कारण इसे ताजमहल की श्रेणी में गिना जाता है। बेबीलोन के बादशाह ने इसे 605 बीसी में अपनी प्रिय पत्नी एमिटिस को खुश रखने के लिए बनवाया था। यह प्यार कुछ गहरा, कुछ अनोखा और कुछ दिल की गहराइयों को छूने वाला था। इतिहास में इस तरह के अनोखे प्यार का दूसरा कोई उदाहरण नहीं मिलता।
पति-पत्नी के अमरप्रेम के प्रतीक की एक निशानी हमें 377 बीसी में बने माउसोलस के मकबरे के रूप में मिलती है। इस प्यार की यादगार के पीछे की कहानी थोड़ी अलग है। यहां पर महल या मकबरा पति न बनवा कर पत्नी अपने पति के मरने के बाद उसकी याद में बनाती है जिसके अमरप्रेम की निशानी के रूप में दुनिया के उस समय के सबसे शानदार मकबरों में गिनती होती है।
माउसोलस अपनी रानी अर्टमीसिया के साथ हैलीकारनासस और उसके आसपास के क्षेत्रों में 24 साल तक राज करता रहा। अर्टमीसिया और माउसोलस आपस में इतना प्यार करते थे कि माउसोलस कभी भी अर्टमीसिया के बिना रहने की कल्पना नहीं कर सकता था। सन् 353 बीसी में माउसोलस की अचानक मृत्यु हो गई। रानी अर्टमीसिया ने अपने पति की याद में दुनिया का सबसे बड़ा और शानदार बहुमूल्य मकबरा बनाने का निश्चय किया। कई वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद 125 फुट ऊंचा तीन मंजिला मकबरा बनकर तैयार हुआ।
इस प्रकार विश्व के कई कोनों में कई ताजमहल बने, टूटे और इतिहास के पन्नों में गुम हो गए पर शाहजहां द्वारा मुमताज के प्रति अपने प्रेम के प्रतीक के रूप में आगरा में बनाया गया ताजमहल आज भी सुंदर एवं कलाकृति के सर्वश्रेष्ठ नमूने के रूप में लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 

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