मेजबानी करते हुए हर देश में कोई ना कोई कमी होती है: श्रीकांत

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नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने बुधवार को कहा कि उन्हें इंडिया ओपन की मेजबानी कर रहे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेलने की स्थितियों में कुछ भी गलत नहीं लगा और हर मेजबान देश में कोई ना कोई कमी होती ही है।

भारत के दिग्गज खिलाड़ी श्रीकांत ने साथ की कहा कि ऐसी चुनौतियां खेल का हिस्सा हैं और यह किसी एक मेजबान देश तक सीमित नहीं हैं और प्रत्येक मेजबान स्थल पर कमियां नजर आती हैं।

डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने मंगलवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर की सुविधाओं और आसपास के माहौल की आलोचना करते हुए उन्हें गंदा और स्वास्थ्य के लिए खराब बताया था। उन्होंने साथ ही विश्व बैडमिंटन महासंघ से इस साल अगस्त में इसी स्थल पर होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले दखल देने का आग्रह किया था।

हमवतन थारुन मन्नेपल्ली को पहले दौर के कड़े मुकाबले में हराने के बाद 2021 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता श्रीकांत ने कहा कि उन्हें यह बात समझ ही नहीं आ रही कि मेजबान स्थल की आलोचना क्यों हो रही है।

श्रीकांत ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों हो रहा है क्योंकि हर देश की अपनी परिस्थितियां होती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सिंगापुर में बहुत अधिक ड्रिफ्ट होता है और मलेशिया में शायद इसकी तुलना में थोड़ा कम। इंडोनेशिया में नवीनीकरण से पहले शटल काफी तेज जाती थी। हर देश की अपनी चुनौती होती है।’’

ब्लिचफेल्ट की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर श्रीकांत ने कहा कि उन्होंने उनका बयान विस्तार से नहीं पढ़ा है लेकिन उन्हें लगता है कि हालात अस्वीकार्य नहीं थे।

श्रीकांत ने कहा, ‘‘सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा है। लेकिन मुझे लगता है कि परिस्थितियां ठीक हैं। मैंने कोई बुरी चीज होते हुए नहीं देखी।

उन्होंने कहा, ‘‘2016 या 2017 में मुझे डेनमार्क में अपने मैच के बीच में लगभग एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा था क्योंकि बत्ती गुल हो गई थी।’’

श्रीकांत ने एचएस प्रणय से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया जिन्हें दो दिन में एक मैच पूरा करना पड़ा था।

उन्होंने कहा, ‘‘एक बार प्रणय मुझे बता रहे थे कि उन्हें अपना मैच अगले दिन खेलना पड़ा। उन्होंने पहले दिन एक गेम खेला और फिर अगले दिन दूसरा गेम।’’

श्रीकांत ने कहा, ‘‘ये चीजें हो जाती हैं, कोई जानबूझकर ऐसा नहीं करता। हर देश इसे बहुत अच्छे से करना चाहता है। ऐसी चीजें बहुत कम होती हैं और मुझे नहीं पता कि हर कोई इसके बारे में शिकायत क्यों कर रहा है।’’

ब्लिचफेल्ट ने कहा था कि मुकाबले का आयोजन कर रहे कोर्ट पर परिस्थितियां संतोषजनक थी लेकिन कुल मिलाकर हालात चिंताजनक हैं।

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