नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 23 जनवरी (भाषा) गणतंत्र दिवस परेड के लिए इस वर्ष पंजाब सरकार द्वारा तैयार की गई झांकी आध्यात्मिकता और मानवता, करुणा तथा धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए किए गए बलिदान की निस्वार्थ भावना का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि झांकी दो हिस्सों में है। इसके अगले भाग में ‘हाथ’ का प्रतीक दर्शाया गया है, जो आध्यात्मिक आभा के साथ मानवीय और करुणामय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
अगले भाग में घूमते हुए स्वरूप में ‘इक ओंकार’ (ईश्वर एक है) को दिखाया गया है। साथ ही ‘हिंद दी चादर’ अंकित कपड़े का टुकड़ा भी दर्शाया गया है, जो अत्याचार के पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करने का प्रतीक है।
झांकी के पिछले हिस्से में ‘शबद कीर्तन’ की झलक मिलेगी, जिसकी पृष्ठभूमि में ‘खंडा साहिब’ का स्मारक है, जो पूरे परिवेश को आध्यात्मिक रंग प्रदान करता है।
खंडा साहिब दिल्ली में गुरुद्वारा श्री शीश गंज साहिब के ठीक सामने स्थित है। इस चौराहे पर प्रतिदिन शबद कीर्तन किया जाता है।
झांकी के पिछले हिस्से के एक ओर गुरुद्वारा श्री शीश गंज साहिब का चित्रण है, जो नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के शहादत स्थल के रूप में जाना जाता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस का आयोजन 23 से 29 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में किया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।