आज के प्रतियोगिता के युग में सफलता पाना आसान नहीं है। युवावस्था में प्रायः पढ़ाई के अतिरिक्त हर चीज़ अच्छी लगती है। किसी को घूमना अच्छा लगता है तो किसी को सिनेमा देखना। कोई टी. वी. का दीवाना है तो कोई इन्टरनेट का।
इतने सारे आकर्षणों के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना आसान नहीं है। इसके बावजूद जीवन में मेहनत और लग्नपूर्वक पढ़ाई करना बहुत ज़रूरी है। पढ़ाई न केवल कैरियर बनाने के लिए जरूरी है बल्कि हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ाती है। कुछ बातों का ध्यान में रखकर आप शिक्षा का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
पढ़ाई को नज़रअंदाज न करें
चाहे जीवन में कुछ भी बनना चाहें, माॅडल, फिल्मी सितारे या कुछ और, पढ़ाई के महत्व को नज़रअंदाज न करें। पढ़ाई की जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पढ़ाई व्यर्थ न होकर आपका दिमाग खोलती है और कई अन्य रास्ते दिखाती है, आत्मविश्वास बढ़ाती है।
अपनी योग्यता पर ध्यान केन्द्रित करें
बहुत ऊंचे कैरियर को लेकर मन में परेशानी पैदा न करें। ईमानदारी से अपना मूल्यांकन करें, अपनी सकारात्मक बातों की एक सूची बनाएं और उसे समझने का प्रयास करें। कैरियर व विषयों का चुनाव इन बातों को ध्यान में रखते हुए करें।
इस विषय पर अपने माता-पिता या जिन पर आपको विश्वास है, उनसे खुल कर बात करें और सलाह लें और अपनी पसंद भी बताए क्योंकि अपनी पसंद का भी ध्यान रखने से ही सफलता की संभावना अधिक होती है पर ध्यान दें अपनी बात को सही ढंग से पेश करें ताकि वे भी गंभीरतापूर्वक आपकी बात पर ध्यान दे सकें।
कई बार बच्चे अपने माता-पिता को अपनी पसंद के कैरियर के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे पाते और माता-पिता बात सुनते ही मना कर देते हैं। चुने गए कैरियर के बारे में अपने माता-पिता को पूरी तरह अवगत कराएं। कैरियर के भविष्य, संभावनाओं, वेतन, काम करने के तरीके पर विचार विमर्श करें ताकि उनके मन में कोई संकोच न रहे।
कैरियर के बारे में और जानें
आप जिस कैरियर में जाना चाहते हैं, उसके बारे में और अधिक जानकारी हासिल करें। जिस कैरियर को अपनाना चाहते हैं, उस कैरियर में पहले से लिप्त लोगों से उस कैरियर की अच्छाई बुराई, शुरू में आने वाली मुश्किलों के बारे में पूरी जानकारी एकत्रा कर लें। भेड़चाल पर न चलें क्योंकि अधिकतर दोस्त उस ओर चल रहे हैं।
ग्लैमर को प्रधानता न दें
बहुत से कैरियर ग्लैमर प्रधान होते हैं जो लोगों को एक दम अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं और बाद में आने वाली बाधाओं के कारण न आप इधर के रहते हैं न उधर के। अभिनय, माडलिंग, एयर होस्टेस, पत्राकार या पंचसितारा होटल में फ्रंट आॅफिस का पेशा देखने में बहुत ग्लैमरस लगता है पर इन पेशों के पीछे मेहनत, निराशा, शार्ट टर्म मांग, पता नहीं क्या-क्या पापड़ बेलने पड़ते हैं। सोच समझ कर ऐसे क्षेत्रों का चुनाव करें।
अच्छे कैरियर में जाने के लिए अपना ग्रीष्मावकाश यूं ही न गंवाएं। अपने दिमाग में सोचे गये कैरियर के अनुसार कोई शार्ट टर्म प्रशिक्षण कर लें या उस कैरियर में जिस कोर्स से मदद मिल सकती हो, वही कोर्स कर समय का सदुपयोग करें। कुछ नहीं कर सकते हों तो भाषा का सुधार करें। यदि आप कालेज में हैं तो समर जाब करके देखें जिससे आगे आने वाली परेशानियों को अच्छी तरह समझ सकें और अपने माता-पिता को पक्ष में दलील दे सकें। बेकार में इधर उधर घूमने से भी अच्छा है कि आप कुछ सीख भी लेंगे।
यथार्थवादी बनें
सपने देखने के स्थान पर वास्तविकता के धरातल पर रहें। सपने देखना बुरा नहीं है। उन्हें पूरा करने का प्रयास करें पर हर इंसान उन ऊंचाइयों को नहीं छू सकता जिनकी कल्पना आपने की है। हर इंसान बिल गेट्स नहीं बन सकता, न ही हर इंसान अंबानी बन सकता है परन्तु प्रयास अवश्य करते रहें। कोई पता नहीं कब सफलता की ऊंचाइयों को आप छू लें।
