फोन टैपिंग मामले में एसआईटी ने बीआरएस नेता हरीश राव से पूछताछ की

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हैदराबाद, 20 जनवरी (भाषा) तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक टी हरीश राव से मंगलवार को एसआईटी ने पिछली बीआरएस सरकार के दौरान कथित फोन टैपिंग से संबंधित मामले में पूछताछ की।

हरीश राव पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे जुबली हिल्स थाने में विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारियों के सामने पेश हुए और उनसे शाम छह बजे तक पूछताछ की गई।

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने मंगलवार रात एक विज्ञप्ति में कहा कि हरीश राव को जुबली हिल्स थाने में जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए तलब किया गया और उनसे विस्तार से पूछताछ की गई।

राव को अपने बेटे की शाम की निर्धारित उड़ान के कारण जल्दी जाने की अनुमति दे दी गई।

आयुक्त ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अनुरोध पर विचार करते हुए एसआईटी ने दिन की जांच समाप्त कर दी। उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि वह जांच से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करें, उन्हें प्रभावित नहीं करें या उनके मामलों में हस्तक्षेप नहीं करें। उन्हें सूचित किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आगे की पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि हरीश राव की पूछताछ पूरी तरह से फोन टैपिंग मामले के संबंध में थी जिसमें नेताओं और व्यापारियों की फोन कॉल की व्यापक अनधिकृत और अवैध निगरानी एवं ​​​​जांच से संबंधित गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है।

इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है और कुछ आरोपियों के खिलाफ पहला आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े कई पहलुओं को लेकर जांच जारी है।

राव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तेलंगाना पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश होने के वास्ते दिया गया नोटिस कांग्रेस सरकार की ओर से ‘‘राजनीतिक प्रताड़ना’’ है और इसका उद्देश्य नगर निकाय चुनाव से पहले ‘‘अपने भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाना’’ है।

उन्होंने एसआईटी के समक्ष पेश होने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि यह नोटिस उन्हें राज्य की खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज के टेंडर में कथित ‘‘भ्रष्टाचार’’ को लेकर आरोप लगाने के तुरंत बाद जारी किया गया।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा फोन टैपिंग से जुड़े एक मामले को खारिज किए जाने के बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमें पता है कि आपने (मुख्यमंत्री) केटीआर (बीआरएस नेता के. टी. रामाराव) को फॉर्मूला-ई रेस मामले में कैसे परेशान किया और हमारे अन्य नेताओं को किस तरह तंग किया जा रहा है। अब मुझे भी उसी तरह परेशान किया जा रहा है। हालांकि, हम जनता की ओर से सवाल उठाते रहेंगे।’’

हरीश राव ने यह भी दावा किया कि उनका फोन टैपिंग मामले से कोई संबंध नहीं है, इसके बावजूद उन्हें तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कानूनी रास्ता अपनाएंगे।

इससे पहले, बीआरएस के विधान परिषद सदस्य नवीन राव चार जनवरी को इस मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हो चुके हैं। मामले के मुख्य आरोपी और तेलंगाना के पूर्व खुफिया प्रमुख टी. प्रभाकर राव से भी पहले पूछताछ की जा चुकी है।

हैदराबाद पुलिस ने मार्च 2024 से अब तक तेलंगाना विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) के एक निलंबित डीएसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। उन पर विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खुफिया जानकारी मिटाने और पूर्व बीआरएस शासन के दौरान फोन टैपिंग करने के आरोप हैं। बाद में उन्हें जमानत दे दी गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित साजिश का हिस्सा थे, जिसमें एसआईबी के संसाधनों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करके विभिन्न वर्गों के नागरिकों की निगरानी की गई।

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