जयपुर, 14 जनवरी (भाषा) राजस्थान में मकर संक्रांति का पर्व बुधवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। लोग मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे और दान किया।
गुलाबी नगरी जयपुर में मौसम साफ रहा। हालांकि सुबह के समय हवा का रुख पतंगबाजों के लिए अनुकूल नहीं था जिससे वे निराश हुए।
सुबह होते ही लोग अजमेर के पुष्कर सरोवर और जयपुर के गलता तीर्थ पहुंचे और पवित्र स्नान किया। इस वर्ष पर्व का महत्व और बढ़ गया क्योंकि यह एकादशी के साथ पड़ा।
गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालु हिमांशु गुप्ता ने कहा, “इस शुभ अवसर पर मैं अपने पूरे परिवार के साथ मंदिर जाता हूं।”
सुबह लोगों ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना की। इस दौरान दान—पुण्य का दौर चला। जरूरतमंदों को मिठाइयां और अन्य वस्तुएं वितरित की गईं तथा गायों को हरा चारा भी खिलाया गया।
गोविंद देवजी मंदिर, ताड़केश्वरजी मंदिर और अन्य मंदिरों को रंग-बिरंगी पतंगों से सजाया गया। गलता तीर्थ पर सुबह से ही श्रद्धालु स्नान करते रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन विभाग द्वारा जलमहल के पास आयोजित पतंग उत्सव में भाग लिया। उन्होंने पतंग उड़ाई और पर्व का आनंद लिया।
मांझे से घायल पक्षियों के उपचार के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पक्षियों को बचाने और उनका इलाज करने के लिए शिविर लगाए।