नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मसौदा सूची जारी होने के बाद मंगलवार को दावा किया कि उनका और उनके परिवार के सदस्यों के नाम एसआईआर से गायब हैं, जबकि उनके पास सारे कागजात हैं तथा 2003 की मतदाता सूची में भी उनके नाम थे।
कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य ने कहा कि उनका नाम सिर्फ इस आधार पर काट दिया गया कि उन्होंने अपना नाम साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र से नोएडा विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित कराया था।
सप्पल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश की एसआईआर मसौदा सूची प्रकाशित हो गई है। इसमें मेरा और मेरे परिवार का नाम ग़ायब है, जबकि हमारे नाम 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे, हमारे नाम पिछले चुनाव की मतदाता सूची में भी शामिल थे और हमारे माता-पिता के नाम भी 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे।’’
उनका कहना है, ‘‘हमने निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार ज़रूरी दस्तावेज भी जमा कर दिए थे। हमारे पास पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, आधार, बैंक खाता, प्रॉपर्टी के कागजात, दसवीं के प्रमाणपत्र, सब कुछ है।’’
सप्पल ने कहा, ‘‘मैं तो स्वयं भारत के उपराष्ट्रपति (हामिद अंसारी) के साथ और राज्य सभा सचिवालय में संयुक्त सचिव भी था। साथ ही कांग्रेस की सर्वोच्च समिति (कार्य समिति) का सदस्य हूं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यही नहीं, एसआईआर और अन्य मुद्दों पर निर्वाचन आयोग में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी कई बार रहा हूं और ये सब बीएलओ भी जानते हैं। लेकिन फिर भी हमारे नाम मसौदा सूची से कट गए।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘कारण यह है कि हमने अपना घर उत्तर प्रदेश की साहिबाबाद विधान सभा से नोएडा विधान सभा शिफ्ट कर लिया था। हमें बताया गया कि एसआईआर में स्थानांतरित हुए वोटरों का नाम बरकरार रखने का कोई प्रावधान नहीं है।’’
सप्पल के अनुसार, अगर किसी वोटर ने अपना घर किसी नए इलाके में बदल लिया है, तो उसका नाम काट दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जैसे करोड़ों वास्तविक मतदाता हैं। मैं तो शायद फिर भी नया फॉर्म 6 भर कर अपने नाम जुड़वा लूंगा, लेकिन कितने लोग ऐसा कर पायेंगे? यही है एसआईआर की सच्चाई।’’