हैदराबाद, 19 जनवरी (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने
सोमवार को मुलुगु जिले के मेडारम में आदिवासी देवियों ‘सम्मक्का’ और ‘सरलम्मा’ के नवर्निर्मित उपासना स्थल का उद्घाटन कियाा जहां आदिवासी उत्सव ‘मेडारम जातरा’ का आयोजन 28 से 31 जनवरी तक किया जाएगा।
इससे पहले उन्होंने रविवार को कहा कि उनकी सरकार विश्व के सबसे बड़े द्विवार्षिक आदिवासी उत्सव ‘मेडारम जातरा’ का आयोजन ‘कुंभ मेले’ की तर्ज पर करेगी।
‘मेडारम जातरा’ या ‘सम्मक्का सरलम्मा महा जातरा’ के दौरान आदिवासी लोक देवियों सम्मक्का और उनकी बेटी सरलम्मा की पूजा करते हैं। यह महोत्सव 28 से 31 जनवरी तक मुलुगु जिले में आयोजित किया जाएगा।
रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुलुगु में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार हैदराबाद के बाहर मेडारम में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की।
उन्होंने काकतीय राजवंश के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने वाली सम्मक्का और सरलम्मा का जिक्र करते हुए कहा कि ‘मेडारम जातरा’ एक ऐतिहासिक घटना है जो साहस को देवत्व में बदलने का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार को सत्ता से हटाने के संकल्प के साथ छह फरवरी, 2023 को मेडारम से ही ‘पदयात्रा’ शुरू की थी।