मद्रास उच्च न्यायालय ने विजय अभिनीत ‘जन नायकन’ को सेंसर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया

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चेन्नई, नौ जनवरी (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को अभिनेता से नेता बने विजय की आगामी फिल्म ‘जन नायकन’ को यू/ए प्रमाणपत्र प्रदान करने का निर्देश दिया।

एक दिन पहले फिल्म निर्माताओं ने इसकी रिलीज स्थगित करने की घोषणा की थी।

फिल्म के निर्माताओं की इसे नौ जनवरी को रिलीज करने की योजना थी। रिलीज अभी बाकी है लेकिन फिल्म के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में शिकायत दर्ज होने के बाद निर्माताओं ने उच्च न्यायालय का रुख किया।

मामले में सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने सात जनवरी को उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसमें सीबीएफसी को बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ को ‘यूए 16 प्लस’ श्रेणी के तहत सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

याचिका पर छह जनवरी को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पी टी आशा ने सीबीएफसी को मौखिक रूप से ‘‘शिकायत’’ की प्रति सात जनवरी को प्रस्तुत करने को कहा था। शिकायत में दावा किया गया था कि फिल्म ‘‘धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है’’। फिल्म निर्माताओं ने बताया था कि फिल्म को यू/ए प्रमाणन की प्रारंभिक सिफारिश के बाद ‘‘समीक्षा’’ के लिए भेजा गया था।

फिल्म की रिलीज की तारीख नौ जनवरी तय कर दी गई है लेकिन सेंसर बोर्ड ने अदालत को बताया था कि वह केवल कानूनी रूप से ही आगे बढ़ सकता है।

एच विनोद द्वारा निर्देशित फिल्म ‘जन नायकन’ में अभिनेता विजय, प्रकाश राज, पूजा हेगड़े, ममिता बैजू सहित अन्य कलाकार हैं।

फिल्म की टीम ने सारा काम पूरा करने के बाद 18 दिसंबर को फिल्म को सेंसर की अनुमति के लिए भेजा था।

इसके बाद, 19 दिसंबर को फिल्म की समीक्षा करने वाले सेंसर बोर्ड ने कथित तौर पर कुछ दृश्यों को हटाने और कुछ संवादों को ‘म्यूट’ करने (संवाद की ध्वनि मंद करना) की सलाह दी।

याचिकाकर्ता फिल्म प्रोडक्शन हाउस ने बताया था कि सेंसर बोर्ड के सदस्यों द्वारा सुझाए गए बदलाव के बाद भी सेंसर प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है।

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