हैदराबाद, सात जनवरी (भाषा) तेलंगाना विधान परिषद के अध्यक्ष गुथा सुखेंदर रेड्डी ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की निलंबित एमएलसी के कविता का परिषद की सदस्यता से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
परिषद सचिव की ओर से मंगलवार देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार, अध्यक्ष ने कविता का इस्तीफा छह जनवरी से प्रभावी मानते हुए स्वीकार किया।
कविता वर्ष 2021 में निजामाबाद स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुई थीं। उन्होंने पिछले वर्ष तीन सितंबर को एमएलसी पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन उस समय इसे स्वीकार नहीं किया गया था।
पांच जनवरी को परिषद में कविता ने अध्यक्ष से अपना इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह किया था। अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपने पिता के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती बीआरएस शासनकाल में तेलंगाना में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने पार्टी के संविधान को ‘मजाक’ करार दिया।
उन्होंने यह भी कहा था कि बीआरएस शासन के दौरान लिए गए कुछ ‘अलोकप्रिय’ फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
कविता को सितंबर 2025 में बीआरएस से निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने अपने चचेरे भाइयों और पार्टी नेताओं टी हरीश राव तथा जे संतोष कुमार पर बीआरएस शासनकाल में बने कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर उनके पिता केसीआर की छवि ‘धूमिल’ करने का आरोप लगाया था।
निलंबन के बाद से कविता, उनके नेतृत्व वाले सांस्कृतिक संगठन ‘तेलंगाना जागृति’ के बैनर तले सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय हैं।
कविता ने पिछले वर्ष दिसंबर में यह भी घोषणा की थी कि उनका राजनीतिक मंच राज्य में होने वाले अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगा।