वर्तमान समय में खजराना गणेश मंदिर बहुत मशहूर हो गया है। उक्त मंदिर का निर्माण इंदौर की रानी अहिल्याबाई ने करवाया था। भारत के अनेक धर्मस्थानों के प्रमुख मंदिरों का जीर्णोद्धार-पुनरूद्धार व निर्माण तथा नदी घाटों का निर्माण अहिल्याबाई के द्वारा कराया गया है। वर्तमान मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर, मालवा की अंतिम राजधानी रही है। यहां होल्कर राज्य की महारानी अहिल्याबाई को सुराज्य शासन चलाने वाली धर्मात्मा के रूप में मान्यता एवं प्रतिष्ठा है। खजराना गणेश मंदिर में अवस्थित भगवान गणेश की भव्य और आकर्षक मूर्ति को भक्तगण देखते ही रह जाते हैं। इस प्रतिमा व मंदिर के बारे में यह मशहूर है कि यहां श्रद्धालु भक्तगण जो भी मन्नत मांगते हैं वह अवश्य पूरी होती है। लोग यहां लड्डूओं का भोग लगाते हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना नित्य नियमित निर्धारित समय पर होती है, परंतु यहां सप्ताह में एक दिन बुधवार को विशेष पूजा की जाती है। आरती में भी श्रद्धालुभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। खजराना गणेश मंदिर में भक्तों द्वारा नगद चढ़ावा राशि भी अत्यधिक चढ़ायी जाती है। मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता व भीड़ को देखते हुए मंदिर व प्रतिमा (श्रीविग्रह) के लाइव दर्शनों की सुविधा स्थापित की गई है। ‘लाइव टेलिकास्टÓ से लोग घर बैठे दर्शन कर पाते हैं और आरती में भाग ले पाते हैं। अब तो यहां आनलाईन दान देने की व्यवस्था भी कर दी गई है। यहां जो भी भक्त दान करेगा उसे आयकर कानून की धारा 80 सी (80जी) के अंतर्गत आयकर पर छूट भी प्राप्त होती है। खजराना गणेश मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के रखरखाव की ओर अधिक ध्यान देना प्रारंभ किया है। मध्यप्रदेश के लोकनिर्माण विभाग की एक योजना को मंजूरी देकर मंदिर-प्रांगण में बने अन्य छोटे-छोटे मंदिरों का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। भक्तों को बैठने के लिए और सुविधाजनक व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त मंदिर-प्रांगण में वर्षा ऋतु में भक्तों की सुविधा के लिए रंगीन टीन शेड भी लगाए गए हैं। भण्डारे के लिए हाल की व्यवस्था भी की गयी है।