नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) गणतंत्र दिवस परेड के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर ‘भारत कथा: श्रुति, कृति, दृष्टि’ विषय पर एक विशेष झांकी तैयार करने वाले फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने कहा कि इस अवसर पर भारतीय सिनेमा और रचनाकार समुदाय का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए अत्यंत सम्मान की बात है।
सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान यह झांकी कर्तव्य पथ से गुजरी और इसने भारत के सभ्यतागत ज्ञान एवं समकालीन रचनात्मक नवाचार के बीच निरंतरता को दर्शाया।
उन्होंने कहा, “भारत कथा विषय पर गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा और रचनाकार समुदाय का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर इस झांकी का निर्माण करना भारत की कालजयी कहानियों और उन्हें पुनर्कथन करने की सिनेमा की शक्ति को सम्मानित करने जैसा था।”
भंसाली ने एक बयान में कहा, “यह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारतीय कथाकला को विश्व स्तर पर ले जाने और सिनेमा को भारत की सशक्त सांस्कृतिक आवाजों में से एक के रूप में मनाने के दृष्टिकोण को दर्शाता है।”
झांकी की शुरुआत ‘ओम’ की ब्रह्मांडीय प्रतिध्वनि से हुई, जो ध्वनि, ज्ञान एवं सृजन के स्रोत का प्रतीक है।
भंसाली भारतीय सिनेमा जगत के सबसे प्रसिद्ध भारतीय कहानीकारों में से एक हैं, जिन्होंने ‘खामोशी’, ‘देवदास’, ‘ब्लैक’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’ जैसी भव्य फिल्म और ‘हीरामंडी’ जैसी ओटीटी सीरिज बनाई हैं।