श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 12 जनवरी (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने सोमवार को कहा कि पृथ्वी अवलोकन उपग्रह और कई वाणिज्यिक उपग्रहों को ले जा रहे रॉकेट पीएसएलवी-सी62 को उड़ान के तीसरे चरण के दौरान एक विसंगति का सामना करना पड़ा।
यह 44.4 मीटर लंबा, चार चरणों वाला पीएसएलवी-सी62 रॉकेट सोमवार सुबह 10 बजकर 18 मिनट के पूर्व निर्धारित समय पर यहां प्रक्षेपण केंद्र से रवाना हुआ।
सत्रह मिनट की यात्रा के बाद उपग्रहों को लगभग 511 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य की तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित किए जाने की उम्मीद है।
इसरो के अनुसार, पहले दो चरणों ने अपेक्षित मापदंडों के भीतर प्रदर्शन किया और तीसरे चरण (पीएस3) के अंत में यान को ‘‘अड़चन’’ का अनुभव हुआ।
यहां मिशन नियंत्रण केंद्र में टीम को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख नारायणन ने कहा, ‘‘पीएसएलवी एक चार चरणों वाला वाहन है जिसमें दो ठोस चरण और दो तरल चरण हैं। तीसरे चरण के अंत तक वाहन का प्रदर्शन अपेक्षित था। तीसरे चरण के अंत के करीब हम वाहन में अधिक गड़बड़ी देख रहे हैं और बाद में उड़ान पथ में विचलन देखा गया। हम डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द से जल्द आपको आगे की जानकारी देंगे।’’
बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इसरो ने कहा, ‘‘पीएसएलवी-सी62 मिशन को पीएस3 (तीसरे चरण) के अंत के दौरान एक विसंगति का सामना करना पड़ा। एक विस्तृत विश्लेषण शुरू किया गया है।’’
यह मिशन वर्ष का पहला प्रक्षेपण था, जो इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड’ को मिले अनुबंध का हिस्सा था।