मुंबई, 17 जनवरी (भाषा) शिवसेना(उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि अगर ईश्वर की इच्छा हुई तो पार्टी मुंबई में अपना महापौर नियुक्त करने में सफल हो सकती है।
ठाकरे की यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गठबंधन द्वारा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव जीतने के एक दिन बाद आई है।
भाजपा-शिवसेना गठबंधन द्वारा ठाकरे परिवार से बीएमसी की सत्ता छीनने के एक दिन बाद, उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (उबाठा)कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा मुंबई को गिरवी रखना चाहती है और उसने धोखे से चुनाव जीता है। उन्होंने कहा कि मराठी मानुष इस ‘पाप’ को कभी माफ नहीं करेंगे।
ठाकरे ने कहा कि मुंबई में शिवसेना(उबाठा) का महापौर बनाना उनका सपना है, और अगर ईश्वर की इच्छा हुई तो यह सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी है कि उसने शिवसेना(उबाठा) को खत्म कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘शिवसेना को भाजपा जमीनी स्तर पर खत्म नहीं कर सकी।’’ प्रत्यक्ष रूप से उनका इशारा बीएमसी चुनावों में शिवसेना (उबाठा) द्वारा जीती गई 65 सीटों की ओर था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा निष्ठा खरीदने के लिए साम-दाम दंड भेद का इस्तेमाल कर रही है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘उसने (भाजपा ने) मुंबई को गिरवी रखकर विश्वासघात के जरिए जीत हासिल की है। मराठी मानुष इस पाप को कभी माफ नहीं करेंगे। लड़ाई अब खत्म नहीं हुई है, बल्कि अभी शुरू हुई है।’’
बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में भाजपा ने 89 सीट जीतीं हैं, जबकि सहयोगी शिवसेना ने 29 सीट अपने नाम की है। वहीं, शिवसेना(उबाठा) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे)को छह सीट मिलीं। वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीट, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) को आठ,अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और शरद पवार नीत राकांपा(शप)को एक सीट मिली है।