छत्रपति संभाजीनगर, 18 जनवरी (भाषा) इतिहासकार-लेखक रामचंद्र मोरवंचीकर का महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। उनके परिवार के सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
डॉ. मोरवंचीकर ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के प्रमुख के रूप में कार्य किया और पर्यटन विभाग के निदेशक के रूप में भी सेवाएं दीं।
उन्होंने सातवाहन युग के अध्ययन में महत्वपूर्ण पुस्तक ‘प्रतिष्ठान ते पैठन’ की रचना की। उन्होंने 16 पुस्तकें और लगभग 200 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र लिखे हैं।
उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह प्रताप नगर श्मशान घाट में किया गया।