शिमला, छह जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सार्वजनिक सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के प्रभावी उपयोग में हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है।
यहां मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने वाली सोसायटी (एसआईटीईजी) की आम सभा की बैठक को सोमवार शाम संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सबसे दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी अब अधिकांश सरकारी सेवाएं “माउस के एक क्लिक” पर उपलब्ध हैं। सुक्खू ने इसे सुशासन की दिशा में मील का पत्थर बताया।
मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा विकसित विभिन्न आईटी-आधारित अनुप्रयोगों और सॉफ्टवेयर की समीक्षा की और अधिकारियों को इन प्रणालियों को अधिक नागरिक-अनुकूल, सुरक्षित और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।
विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विकसित ‘हिम उपस्थिति’ ऐप्लिकेशन की समीक्षा करते हुए, सुक्खू ने इसकी दक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और बढ़ाने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों का ‘हिम एक्सेस पोर्टल’ पर पंजीकरण अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों को एक महीने के भीतर अपना पंजीकरण पूरा करने का निर्देश दिया।
बयान के अनुसार, राजस्व सेवाओं तक अधिक सुगम पहुंच के लिए हिम सेवा पोर्टल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दस्तावेज सत्यापन प्रणाली को एकीकृत किया जा रहा है।